ममता बनर्जी की कार पर फेंकी गई चप्पल और कीचड़, ‘चोर-चोर’ के नारों से बीजपुर में हंगामा

West Bengal: इस दौरान उनकी कार पर चप्पल, कीचड़ और ईंट-पत्थर फेंके जाने का आरोप है. प्रदर्शनकारियों ने ममता बनर्जी के खिलाफ ‘चोर-चोर’ और ‘लुटेरों की रानी’ जैसे नारे भी लगाए...
 

West Bengal: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी को रविवार को उत्तर 24 परगना के बीजपुर विधानसभा क्षेत्र में उग्र विरोध का सामना करना पड़ा। कांचरापाड़ा में उनके काफिले को प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया। इस दौरान उनकी कार पर चप्पल, कीचड़ और ईंट-पत्थर फेंके जाने का आरोप है। प्रदर्शनकारियों ने ममता बनर्जी के खिलाफ ‘चोर-चोर’ और ‘लुटेरों की रानी’ जैसे नारे भी लगाए।

पुलिस हिरासत में हुई मौत के बाद पीड़ित परिवार से मिलने पहुंची थीं ममता

ममता बनर्जी कांचरापाड़ा नगरपालिका के वार्ड नंबर 23 की पूर्व TMC पार्षद जेनी शर्मा केवट के पति बिरजू केवट के परिवार से मिलने पहुंची थीं। बिरजू केवट को रंगदारी समेत कई आरोपों में हालीशहर थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया था। अदालत ने उसे पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा था। शनिवार को पुलिस लॉकअप में उसकी मौत हो गई।

मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस की पिटाई के कारण बिरजू की मौत हुई। इसी मामले में परिवार से मुलाकात करने पहुंचीं ममता बनर्जी के काफिले का वहां मौजूद लोगों ने विरोध शुरू कर दिया।

काफिले को घेरकर की नारेबाजी

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने ममता बनर्जी की गाड़ी को घेर लिया और नारेबाजी की। इसी दौरान उनकी कार पर कीचड़ और चप्पल फेंके गए। कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा ईंट-पत्थर फेंके जाने का भी आरोप लगाया गया है।

स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाकर ममता बनर्जी के काफिले को वहां से बाहर निकाला। उनके साथ TMC सांसद कल्याण बनर्जी और राज्यसभा सांसद डोला सेन भी मौजूद थे।

ममता बनर्जी ने पुलिस प्रशासन पर साधा निशाना

घटना के बाद ममता बनर्जी ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस उपद्रवियों को संरक्षण दे रही है और उनके काफिले पर बड़े-बड़े पत्थर और ईंटें फेंकी गईं।

ममता बनर्जी ने कहा कि वह इस मामले में कानूनी कार्रवाई करेंगी और केस दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए डीजीपी और बैरकपुर पुलिस कमिश्नर के इस्तीफे की मांग भी की।

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि बीजेपी जानबूझकर इलाके में अशांति पैदा करने के लिए गुंडों का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब हो गई है।

BJP ने आरोपों को बताया गलत

वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने TMC के आरोपों को खारिज किया है। बीजेपी का कहना है कि ममता बनर्जी इलाके में तनाव पैदा करने और लोगों को उकसाने के लिए पहुंची थीं। पार्टी के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने उनके दौरे का स्वतःस्फूर्त विरोध किया।

घटना के बाद कांचरापाड़ा और हालीशहर इलाके में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। पुलिस की मौजूदगी में ममता बनर्जी के काफिले को सुरक्षित बाहर निकाला गया। पुलिस हिरासत में बिरजू केवट की मौत और उसके बाद हुए विरोध को लेकर अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।