सोनम वांगचुक का अनशन 24वें दिन भी जारी, अस्पताल में भर्ती के बावजूद नहीं मानी हार; CJP का दावा- पुलिस कार्रवाई के बाद बदला फैसला
New Delhi: शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा आंदोलन अब भी जारी है। आंदोलनकारी नेता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल मंगलवार को 24वें दिन में प्रवेश कर गई। दिल्ली पुलिस द्वारा 18 जुलाई को उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बावजूद उन्होंने अपना अनशन समाप्त नहीं किया है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के मुताबिक, वांगचुक पहले अपना अनशन खत्म करने के लिए तैयार हो गए थे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुलिस कार्रवाई के बाद उन्होंने अपना फैसला बदल दिया और भूख हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया।
‘संसद चलो’ मार्च के बाद प्रदर्शनकारियों में नाराजगी
CJP के कार्यकर्ता सोमवार रात भारी बारिश के बीच जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे रहे। इससे एक दिन पहले हुए ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रदर्शनकारियों ने नाराजगी जताई। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान कई प्रदर्शनकारियों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार और मारपीट की गई।
अभिजीत दीपके ने पुलिस कार्रवाई में घायल हुए समर्थकों से माफी भी मांगी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि प्रदर्शन में शामिल महिलाओं समेत कई लोगों को कथित रूप से चोटें आईं। उन्होंने इस घटना को लेकर अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों को बेहतर सुरक्षा मुहैया कराने के लिए वह और प्रयास कर सकते थे।
हालांकि, पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के आरोपों को लेकर स्वतंत्र रूप से सभी दावों की पुष्टि नहीं हुई है।
CJP ने फिर उठाई शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि सोनम वांगचुक 24वें दिन भी अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। संगठन ने एक बार फिर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई है।
संगठन के अनुसार, 20 जून से शुरू किए गए आंदोलन का उद्देश्य नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जवाबदेही तय करना, शिक्षा व्यवस्था में सुधार करना और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करना है।
अस्पताल ने जारी किया स्वास्थ्य अपडेट
सफदरजंग अस्पताल की ओर से जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के मुताबिक, सोनम वांगचुक के महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानक फिलहाल स्थिर हैं। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है और उन्हें जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अस्पताल के अनुसार, डॉक्टरों की सलाह के बावजूद वांगचुक ने आईवी फ्लूड और ग्लूकोज लेने से इनकार किया है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि लंबी भूख हड़ताल के बीच सोनम वांगचुक आगे क्या फैसला लेते हैं और सरकार की ओर से आंदोलन को लेकर कोई बातचीत या पहल होती है या नहीं।