लोकतंत्र की परीक्षा से पहले सख्ती: बंगाल में वोटिंग से पहले चुनाव आयोग की बड़ी कार्रवाई, आखिर छापेमारी की वजह क्या है?

Kolkata: बंगाल के चुनावी इतिहास में पथराव, गोलीबारी के साथ-साथ बमबारी का भी जिक्र मिलता रहा है. हाल ही में दूसरे चरण की वोटिंग से पहले बंगाल में कई जगहों से बम बरामद हुए. जिसके बाद चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के दूसरे चरण की वोटिंग से पहले राज्यभर में कच्चे बम बनाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं. 
 
Kolkata: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के प्रचार का शोर आज शाम थमने वाला है. इससे पहले सभी राजनीतिक दलों के प्रमुख नेता अपनी पूरी ताकत से प्रचार अभियान में जुटे हैं. लेकिन बंगाल चुनाव के प्रचार अभियान के आखिरी दिन तब चौंकाने वाली जानकारी सामने आई, जब पता चला कि बंगाल के कई जिलों में चुनाव आयोग के निर्देश पर एनआईए और अन्य एजेंसियों की टीम छापेमारी कर रही है. अमूमन चुनाव प्रचार के दौरान एनआईए अथवा अन्य केंद्रीय एजेंसियों द्वारा छापेमारी की कार्रवाई कम होती है. लेकिन बंगाल के चुनाव में आखिर ऐसी क्या जरूरत पड़ गई है कि प्रचार के आखिरी दिन आयोग को राज्यव्यापी छापेमारी का आदेश निर्देश जारी करना पड़ा.

दरअसल चुनाव आयोग को छापेमारी का यह निर्देश चुनावी हिंसा को कंट्रोल में रखने के लिए देना पड़ा. यूं तो इस बार बंगाल में अब तक हुई वोटिंग पहले ही तुलना में शांतिपूर्ण रही है. लेकिन पहले चरण में भी कई जगहों से हिंसा की छिटपुट घटनाएं सामने आ ही गई थी. 

बंगाल में चुनावी हिसा का रहा है इतिहास

दूसरी तरफ बंगाल के चुनावी इतिहास में पथराव, गोलीबारी के साथ-साथ बमबारी का भी जिक्र मिलता रहा है. हाल ही में दूसरे चरण की वोटिंग से पहले बंगाल में कई जगहों से बम बरामद हुए. जिसके बाद चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के दूसरे चरण की वोटिंग से पहले राज्यभर में कच्चे बम बनाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं. 

आयोग ने रविवार को दूसरे चरण की ड्यूटी में तैनात केंद्रीय बलों को यह कार्रवाई करने को कहा. आयोग ने केंद्रीय बलों को यह भी निर्देश दिया है कि वे बम निष्क्रिय करने की कार्रवाई तुरंत तेज करें और यह सुनिश्चित करें कि मतदान के दिन कहीं भी बम धमाका न हो.

बम बनाने के मामलों सहित ऐसे सभी मामलों की जांच NIA करेगी. ECI सूत्रों ने बताया कि कोलकाता के CP, सभी DCP, सभी SP और OC व IC स्तर तक के सभी अधिकारियों को एक कड़ा संदेश दिया गया है कि यदि उनके अधिकार क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति के पास कोई विस्फोटक पाया जाता है या वह किसी भी तरह की धमकी भरी रणनीति का इस्तेमाल करता है, तो संबंधित OC/IC को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे और उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. इसलिए, ऐसी सभी धमकी भरी सामग्री को अगले 24 घंटों के भीतर बिना किसी चूक के जब्त कर लिया जाना चाहिए.

रविवार को आयोग द्वारा दिए गए इसी निर्देश के बाद आज राज्य में बम और विस्फोटकों के खिलाफ तलाशी और छापेमारी अभियान चल रहा है. इसके लिए कोलकाता में हुई एक समन्वय बैठक के दौरान दी गई, जिसमें कोलकाता पुलिस और दक्षिण 24 परगना जिला पुलिस के विभिन्न स्तर के अधिकारी शामिल हुए.

दक्षिण 24 परगना जिले के विजयगंज बाजार विस्फोट मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है. रविवार शाम को दक्षिण 24 परगना के भानगढ़ विधानसभा क्षेत्र में बम बरामद होने के बाद सनसनी फैल गई है. रविवार को पुलिस ने उत्तर काशीपुर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत चेलेगोआलिया इलाके में तृणमूल कार्यकर्ता के घर के पीछे के बगीचे से कुल 100 नए बम बरामद किए गए थे. 

चुनाव आयोग ने इस मामले में अलग-अलग थानों के थाना प्रभारी और इंस्पेक्टर-इन-चार्ज की जिम्मेदारी तय कर दी है. आयोग ने साफ कहा कि मतदान से पहले या मतदान के दिन मतदाताओं को डराने, धमकाने या बम के इस्तेमाल की कोई भी घटना होती है तो संबंधित थाना प्रभारी और अधिकारी सीधे जिम्मेदार माने जाएंगे.