पटकर-वर्दे कॉलेज के छात्रों ने स्कूल में चलाया साइबर जागरूकता अभियान, डिजिटल सुरक्षा के दिए टिप्स
Mumbai: डिजिटल सुरक्षा और साइबर स्वच्छता को लेकर युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से सरस्वती विद्यामंदिर हाई स्कूल में एक विशेष साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस सेशन आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम क्विक हील फाउंडेशन और पटकर-वर्दे कॉलेजके सहयोग से आयोजित हुआ।
कार्यक्रम का आयोजन क्विक हील फाउंडेशन के प्रमुख अभियान ‘साइबर शिक्षा फॉर साइबर सुरक्षा’ के तहत किया गया। इस वर्ष अभियान की थीम ‘My Data, My Responsibility’ यानी ‘मेरा डेटा, मेरी जिम्मेदारी’ रखी गई है। इसका उद्देश्य छात्रों को अपने निजी डेटा की सुरक्षा और डिजिटल दुनिया में जिम्मेदारीपूर्वक व्यवहार के प्रति जागरूक करना है।
पटकर-वर्दे कॉलेज के साइबर वॉरियर्स ने दी जानकारी
जागरूकता सत्र में पटकर-वर्दे कॉलेज के प्रशिक्षित छात्र साइबर वॉरियर्स सिल्पिशिवम सिंह और रिया मिश्रा ने प्रस्तुति दी। उन्होंने स्कूल के विद्यार्थियों और शिक्षकों को ऑनलाइन दुनिया में मौजूद विभिन्न साइबर खतरों और उनसे बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी दी।
सत्र के दौरान छात्रों को खास तौर पर इन विषयों पर जागरूक किया गया:
- डेटा सुरक्षा और ऑनलाइन प्राइवेसी
- ऑनलाइन स्कैम और धोखाधड़ी की पहचान
- सोशल मीडिया का सुरक्षित इस्तेमाल
- साइबर अपराध की रिपोर्टिंग
- निजी डिजिटल जानकारी को सुरक्षित रखने के उपाय
डिजिटल सुरक्षा को लेकर छात्रों को किया जागरूक
कार्यक्रम के दौरान छात्रों को बताया गया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते समय व्यक्तिगत जानकारी साझा करने में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। साथ ही संदिग्ध लिंक, ऑनलाइन ऑफर, फर्जी संदेश और सोशल मीडिया पर होने वाली धोखाधड़ी से सतर्क रहने की सलाह दी गई।
स्कूल प्रबंधन के प्रतिनिधियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आज के तकनीक-प्रेमी युवाओं के लिए व्यावहारिक डिजिटल साक्षरता और साइबर सुरक्षा की जानकारी बेहद जरूरी है। स्कूल की ओर से पटकर-वर्दे कॉलेज के छात्र साइबर वॉरियर्स और क्विक हील फाउंडेशन का आभार जताया गया।
सुरक्षित डिजिटल समाज बनाने की पहल
‘साइबर शिक्षा फॉर साइबर सुरक्षा’ जैसे अभियानों के जरिए क्विक हील फाउंडेशन और पटकर-वर्दे कॉलेज युवाओं को जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य छात्रों को साइबर खतरों की पहचान करने, अपने डेटा की सुरक्षा करने और सुरक्षित तरीके से इंटरनेट का इस्तेमाल करने के लिए सक्षम बनाना है।
‘मेरा डेटा, मेरी जिम्मेदारी’ की थीम के साथ आयोजित यह अभियान छात्रों के बीच डिजिटल सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।