बंगाल के हक की लड़ाई को लेकर शुभेंदु अधिकारी की बड़ी तैयारी, नीति आयोग में उठाएंगे राज्य के बकाया फंड का मुद्दा
Kolkata: पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने नीति आयोग की आगामी बैठक को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं. बताया जा रहा है कि उन्होंने राज्य के विभिन्न विभागों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, ताकि केंद्र सरकार के समक्ष बंगाल के लंबित मुद्दों, बकाया फंड और विकास परियोजनाओं से जुड़े मामलों को प्रभावी ढंग से उठाया जा सके.
सूत्रों के अनुसार, शुभेंदु अधिकारी राज्य को मिलने वाले केंद्रीय फंड, अधूरी विकास योजनाओं, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का पूरा ब्यौरा जुटा रहे हैं. इसके लिए कई विभागों से आंकड़े और रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है.
इस रिपोर्ट के जरिये सरकार केंद्र से बंगाल का हक वसूलने की रणनीति बना रही है. राज्य सचिवालय के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले 15 वर्षों में पूर्ववर्ती सरकार के ‘असहयोग वाले रवैये’ के कारण केंद्र से पश्चिम बंगाल को उसका जायज हक और फंड नहीं मिल पाया. अब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का पूरा ध्यान केंद्र से राज्य का बकाया और वित्तीय मदद हासिल करने पर है.
सभी विभागों से मांगी गयी रिपोर्ट
नीति आयोग की बैठक में राज्य की वास्तविक आर्थिक और विकास संबंधी स्थिति को सही ढंग से पेश करने के लिए ही मुख्यमंत्री पहले से ही जमीनी हकीकत का पूरा ब्योरा अपने हाथ में रखना चाहते हैं. पश्चिम बंगाल के लिए इस बार नीति आयोग की बैठक इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि नीति आयोग के वर्तमान उपाध्यक्ष प्रख्यात अर्थशास्त्री अशोक लाहिड़ी हैं. अशोक लाहिड़ी और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बीच बेहद अच्छे संबंध हैं. इसलिए माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी इन अच्छे समीकरणों का फायदा उठाकर नीति आयोग से बंगाल के विकास के लिए बड़ी वित्तीय सुविधाएं और मंजूरियां हासिल करने का प्रयास करेंगे.
माना जा रहा है कि जून महीने के अंत में शुभेंदु सरकार राज्य का पूर्ण बजट पेश कर सकती है. बजट से पहले यदि राज्य सरकार केंद्र की ओर से पोषित योजनाओं में खुद को मजबूती से शामिल करा लेती है, तो राज्य का वित्तीय बोझ काफी कम हो जायेगा, क्योंकि केंद्र की अधिकांश योजनाओं में कम से कम 50 प्रतिशत की हिस्सेदारी केंद्र सरकार की होती है. नीति आयोग की बैठक में इस व्यवस्था को पक्का करने का प्रयास किया जायेगा. जानकारों का भी कहना है कि बंगाल का अगला बजट आकार इसी बात पर निर्भर करता है कि नीति आयोग की बैठक में शुभेंदु अधिकारी केंद्र से कितना पैसा बंगाल के लिए आवंटित करबा लेते हैं.