19 मौतों से व्यथित शुभेंदु अधिकारी! महानवमी पर धार्मिक आयोजनों तक सीमित रखा कार्यक्रम
Kolkata: पश्चिम बंगाल में महानवमी के अवसर पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के लोगों को दुर्गा पूजा और नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इन पर्वों को भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और नारी शक्ति की उपासना का महत्वपूर्ण प्रतीक बताया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम, जेडब्ल्यू मैरियट और सॉल्टलेक में आयोजित धार्मिक जागरण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया तथा मां दुर्गा की महाआरती की।
हालांकि, उत्सव के बीच उत्तर कोलकाता के चोरबागान में हुई भगदड़ की त्रासदी का दर्द भी उनके संदेश में दिखाई दिया। इस हादसे में 19 श्रद्धालुओं की मौत पर उन्होंने गहरा शोक व्यक्त किया।
महानवमी पर मां दुर्गा की आराधना, राज्य की खुशहाली की कामना
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने महानवमी के पावन अवसर पर मां दुर्गा से पश्चिम बंगाल में शांति, समृद्धि और खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की। उन्होंने राज्यवासियों के स्वस्थ और सुखी जीवन की कामना भी की।
कोलकाता में आयोजित जागरण कार्यक्रमों में शामिल होकर उन्होंने मां दुर्गा की महाआरती की। इस दौरान दुर्गा पूजा के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे पर्व समाज में सकारात्मक ऊर्जा और एकता का संचार करते हैं।
दुर्गा पूजा हमारी सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट और धार्मिक आयोजनों के दौरान अपने संदेश में कहा कि नवरात्रि और दुर्गा पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं हैं, बल्कि सदियों पुरानी सनातन परंपरा और भारतीय सांस्कृतिक चेतना के जीवंत प्रतीक हैं।
उन्होंने मां दुर्गा की उपासना को नारी शक्ति के प्रति श्रद्धा और सम्मान से जोड़ते हुए कहा कि इन पर्वों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उनके मुताबिक, दुर्गा पूजा लोगों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर भी है।
चोरबागान भगदड़ में 19 मौतों से व्यथित हुए शुभेंदु अधिकारी
महानवमी के उत्सव के बीच मुख्यमंत्री ने उत्तर कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ को लेकर दुख जताया। महासप्तमी, 17 अक्टूबर की शाम हुए इस हादसे में 19 श्रद्धालुओं की जान चली गई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना से उनका मन बेहद व्यथित है। श्रद्धालुओं की मौत के बाद उन्होंने बड़े उत्सवों और व्यावसायिक पूजा पंडालों में जाने से परहेज करने की बात कही।
पारंपरिक पूजा और धार्मिक जागरण में ही शामिल होने का फैसला
मुख्यमंत्री के मुताबिक, चोरबागान की घटना को देखते हुए उन्होंने अपने सार्वजनिक कार्यक्रमों को सीमित रखा है। उन्होंने कहा कि वह धार्मिक जागरणों और अपने गृह नगर कांथी, पूर्वी मेदिनीपुर की पारंपरिक पूजा में भाग ले रहे हैं।
महानवमी पर उनका संदेश जहां धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक एकता और नारी शक्ति के सम्मान पर केंद्रित रहा, वहीं चोरबागान हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के प्रति संवेदना भी उनके संबोधन का अहम हिस्सा रही।