बरुईपुर केस पर बोले शुभेंदु अधिकारी, कहा– सरकार परिवार की इच्छा का करेगी सम्मान

Kolkata: शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि किसी भी संवेदनशील मामले में राजनीतिक दबाव या प्रशासनिक जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए. पीड़ित परिवार जिस निर्णय के साथ खड़ा होगा, उसी के अनुरूप कदम उठाए जाने चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि न्याय और संवेदना दोनों साथ चलनी चाहिए, तभी पीड़ितों को वास्तविक राहत मिल सकती है.
 

Kolkata: बरुईपुर मामले को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. इस प्रकरण पर नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट और भावनात्मक बयान दिया है. उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में पीड़ित परिवार की इच्छा सर्वोपरि है और सरकार को वही करना चाहिए जो परिवार चाहता है.

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि किसी भी संवेदनशील मामले में राजनीतिक दबाव या प्रशासनिक जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए. पीड़ित परिवार जिस निर्णय के साथ खड़ा होगा, उसी के अनुरूप कदम उठाए जाने चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि न्याय और संवेदना दोनों साथ चलनी चाहिए, तभी पीड़ितों को वास्तविक राहत मिल सकती है. सोमवार को पत्रकारों को सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री ने कहा, परिवार को जो न्याय चाहिए वो मिलेगा. श्री अधिकारी ने बरुईपुर में नाबालिग लड़की की हत्या और रेप को ‘घिनौनी घटना’ बताया. उन्होंने दोषियों के खिलाफ फांसी की सजा की मांग का समर्थन करते हुए कठोर कानूनी कार्रवाई का स्पष्ट संदेश दिया है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि आईजी के नेतृत्व में एसआईटी बनाकर बरुईपुर घटना की जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि परिवार ने इस घटना में 4 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. उनमें से 2 को गिरफ्तार कर लिया गया है. 3 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ चल रही है. उल्लेखनीय है कि बरुईपुर मामले में पुलिस ने चार केस दर्ज किया है, इनमें से एक गैंग रेप का मामला है. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बरुईपुर में मॉब लिंचिंग के पीछे सांप्रदायिक रंग है. इसके अलावा, दो सीआरपीएफ जवान घायल हुए और एक पुलिस गाड़ी में आग लगा दी गई. मुख्यमंत्री ने काह कि आप निश्चिंत रह सकते हैं कि मैं इस घटना से जुड़े सभी मामलों में न्याय दिलाने में कोई कसर नहीं छोडूंगा.

सूत्रों के मुताबिक, राज्य के पुलिस प्रमुख बरुईपुर पुलिस स्टेशन की भूमिका से नाखुश हैं. उन्होंने जिला पुलिस- सुपरिटेंडेंट से घटना के संबंध में जवाब तलब किया है. जिसमें वह घटना वाले दिन पुलिस थाने के आईसी और मौजूद दूसरे पुलिस वालों की भूमिका के बारे में जानना चाहा है. उन्होंने क्या कार्रवाई की इसकी जानकारी देने को कहा है. सूत्रों का कहना है कि शुरुआत में लापरवाही के सबूत मिले हैं. राज्य पुलिस सूत्रों ने संकेत दिया है कि अगर रिपोर्ट में किसी के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगता है, तो संबंधित अधिकारी को सख्त सजा मिलेगी.