शुभेंदु अधिकारी का बड़ा हमला- पिछली सरकारों ने केंद्र का सहयोग नहीं किया, ‘डबल इंजन’ सरकार बदलेगी बंगाल की तस्वीर
Kolkata: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता के गार्डनरीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पिछली टीएमसी और लेफ्ट फ्रंट सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले 50 वर्षों से जारी नकारात्मकता और केंद्र-राज्य के बीच खींचतान का दौर अब समाप्त हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि ‘डबल इंजन’ सरकार के जरिए पश्चिम बंगाल में तेजी से विकास सुनिश्चित किया जाएगा।
यह बयान उस कार्यक्रम में आया, जहां रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने GRSE और यंत्र इंडिया लिमिटेड (YIL) की 3,500 करोड़ रुपये से अधिक की पांच ब्राउनफील्ड विस्तार परियोजनाओं का भूमि पूजन और आधारशिला रखी।
रायचक में 2,500 करोड़ से अधिक का नया शिपयार्ड
इन परियोजनाओं में सबसे बड़ी योजना हुगली नदी के किनारे रायचक में नए शिपयार्ड परिसर के निर्माण की है। करीब 32 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाले इस परिसर पर 2,500 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाने की योजना है।
नए शिपयार्ड में युद्धपोतों के साथ-साथ 60,000 DWT क्षमता तक के व्यावसायिक जहाजों के निर्माण की सुविधा विकसित की जाएगी। इससे पश्चिम बंगाल के शिपबिल्डिंग सेक्टर को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
शालीमार और खिदिरपुर सुविधाओं का होगा कायाकल्प
परियोजनाओं के तहत शालीमार के टिंबर पॉन्ड और खिदिरपुर डॉक्स स्थित दामोदर फैसिलिटी का भी पुनरोद्धार किया जाएगा।
टिंबर पॉन्ड के आधुनिकीकरण पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जबकि दामोदर फैसिलिटी को नया स्वरूप देने के लिए लगभग 70 करोड़ रुपये की परियोजना है। इन सुविधाओं में मध्यम आकार के जहाजों की मरम्मत और इलेक्ट्रिक फेरी के निर्माण जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना है।
इच्छापुर में रक्षा विनिर्माण को मिलेगी रफ्तार
यंत्र इंडिया लिमिटेड की इच्छापुर इकाई में रक्षा विनिर्माण क्षमता बढ़ाने के लिए दो अहम परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई है।
इनमें करीब 277 करोड़ रुपये की फोर्जिंग प्रेस और 473 करोड़ रुपये के रेडियल फोर्जिंग प्लांट की परियोजनाएं शामिल हैं। इन सुविधाओं के जरिए बंदूक की बैरल, आयुध सामग्री और एयरोस्पेस से जुड़े घटकों के उत्पादन को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
‘पिछली सरकारों ने केंद्र के साथ सहयोग नहीं किया’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि पिछली टीएमसी और लेफ्ट फ्रंट सरकारों के दौरान केंद्र और राज्य के बीच लगातार टकराव का माहौल रहा। उन्होंने कहा कि करीब पांच दशकों से चली आ रही यह स्थिति अब बदल रही है।
उन्होंने दावा किया कि केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय से पश्चिम बंगाल में औद्योगिक निवेश और विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी। शुभेंदु अधिकारी ने ‘डबल इंजन’ सरकार को राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे बंगाल की तस्वीर बदलने का रास्ता साफ होगा।
राजनाथ सिंह बोले- बदल रहा है बंगाल का औद्योगिक माहौल
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी पश्चिम बंगाल के औद्योगिक वातावरण में बदलाव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अब राज्य में कारखानों में तालाबंदी और बंद होने की खबरों की जगह नई औद्योगिक परियोजनाओं के शुभारंभ की खबरें सामने आ रही हैं।
उन्होंने कहा कि GRSE और YIL की इन परियोजनाओं से न केवल रक्षा और शिपबिल्डिंग क्षेत्र को मजबूती मिलेगी, बल्कि प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। इसके साथ ही स्थानीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए नए कारोबारी अवसर और ठेके मिलने की संभावना बढ़ेगी।
शिपबिल्डिंग हब बनने की दिशा में बड़ा कदम
रायचक में नया शिपयार्ड और शालीमार-खिदिरपुर की सुविधाओं का आधुनिकीकरण पश्चिम बंगाल को देश के प्रमुख शिपबिल्डिंग और शिप रिपेयर केंद्रों में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
वहीं, इच्छापुर में रक्षा विनिर्माण से जुड़ी नई सुविधाओं के विकास से देश की स्वदेशी रक्षा उत्पादन क्षमता को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। करीब 3,500 करोड़ रुपये से अधिक की इन पांच परियोजनाओं के जरिए रक्षा उत्पादन, जहाज निर्माण, रोजगार और MSME सेक्टर को एक साथ गति देने का प्रयास किया जा रहा है।