शुभेंदु अधिकारी का शक्ति प्रदर्शन! ‘गेरुआ सम्मान यात्रा’ में बोले- ऐसी ताकतों को उखाड़ फेंकेंगे
Kolkata: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को कोलकाता में ‘गेरुआ सम्मान यात्रा’ निकाली। इस दौरान उन्होंने जादवपुर विश्वविद्यालय परिसर में कथित तौर पर लगाए गए ‘कश्मीर मांगे आजादी’ और ‘लाल सलाम’ जैसे नारों को लेकर निशाना साधा। शुभेंदु ने कहा कि वह भगवा रंग का किसी भी तरह का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे और ऐसी विचारधारा वाली ताकतों के खिलाफ संघर्ष जारी रखेंगे।
गोलपार्क से जादवपुर तक निकली यात्रा
शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में ‘गेरुआ सम्मान यात्रा’ दक्षिण कोलकाता के गोलपार्क से जादवपुर विश्वविद्यालय के पास 8बी बस स्टैंड तक निकाली गई। करीब 3 किलोमीटर लंबी इस यात्रा में बड़ी संख्या में भाजपा समर्थक, साधु-संत और नगा साधु शामिल हुए।
शुभेंदु ने भगवा रंग का कुर्ता पहना था और हाथ में भगवा झंडा थामे हुए थे। यात्रा के दौरान समर्थकों ने ‘जय श्रीराम’ के नारे भी लगाए।
जादवपुर विश्वविद्यालय कैंपस के बाहर लोगों को संबोधित करते हुए शुभेंदु ने विश्वविद्यालय को श्री अरबिंदो की कर्मभूमि और उत्कृष्टता का केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि वह आने वाले समय में दोबारा इस इलाके का दौरा करेंगे।
‘भगवा रंग का अपमान बर्दाश्त नहीं करूंगा’
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि भगवा रंग का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि जादवपुर से ‘कश्मीर मांगे आजादी’ और ‘लाल सलाम’ जैसी विचारधारा को समाप्त करने का संकल्प लिया है।
उन्होंने कहा कि वह श्री अरबिंदो की कर्मभूमि जादवपुर से उन ताकतों को हटाने के लिए संघर्ष करेंगे, जो ऐसे नारे लगाती हैं और किसान आंदोलन का समर्थन करती हैं।
गीता और हनुमान चालीसा के पाठ का किया ऐलान
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि भगवा रंग का अपमान करने वालों को धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने गीता और हनुमान चालीसा के पाठ के जरिए ऐसे लोगों को ‘सबक सिखाने’ की बात कही।
उन्होंने कहा कि यह स्वामी विवेकानंद की भूमि है और यहां भगवा रंग की परंपरा कायम रहेगी।
तीन दिन के वैदिक पाठ कार्यक्रम की घोषणा
‘गेरुआ सम्मान यात्रा’ के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने तीन दिन के वैदिक पाठ कार्यक्रम की भी घोषणा की। उन्होंने लोगों से इसमें बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की।
यात्रा में शामिल साधु-संतों और समर्थकों ने भगवा झंडे लेकर मार्च किया। इस दौरान धार्मिक और राष्ट्रवादी नारों के बीच जादवपुर इलाके में राजनीतिक माहौल गरमाया रहा।
नगा साधु ने उठाया ‘अपमान’ का मुद्दा
यात्रा में शामिल एक नगा साधु ने इस मुद्दे को उठाने के लिए शुभेंदु अधिकारी का आभार जताया। उन्होंने सवाल उठाया कि देश और धर्म की रक्षा के लिए बलिदान देने वालों का अपमान क्यों किया जा रहा है।
भाजपा की ओर से कहा गया कि ‘गेरुआ सम्मान यात्रा’ का उद्देश्य भगवा रंग की गरिमा की रक्षा और इसे कथित रूप से बदनाम करने के प्रयासों का विरोध करना है। पार्टी नेताओं ने भगवा को भारत की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय गौरव से जुड़ा प्रतीक बताया।
जादवपुर में वामपंथी संगठनों और ABVP के बीच विवाद की पृष्ठभूमि
यह यात्रा जादवपुर विश्वविद्यालय में वामपंथी छात्र संगठनों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के बीच चल रहे राजनीतिक एवं वैचारिक विवाद की पृष्ठभूमि में निकाली गई।
पिछले महीने दोनों पक्षों के बीच झड़पों की खबरें सामने आई थीं। इसके बाद विश्वविद्यालय परिसर में एक-दूसरे के खिलाफ भित्तिचित्र बनाने और नारेबाजी का दौर भी तेज हुआ।
TMC और वाम मोर्चे पर भी निशाना
‘गेरुआ सम्मान यात्रा’ से पहले शुभेंदु अधिकारी जादवपुर विश्वविद्यालय के बाहर आयोजित एक कार्यक्रम में भी पहुंचे थे। उस कार्यक्रम में करीब 10,000 लोगों के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ का पूर्ण संस्करण गाने का दावा किया गया था।
शुभेंदु ने उस कार्यक्रम में माकपा के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे और तृणमूल कांग्रेस पर भी निशाना साधा था। उन्होंने दोनों पर राष्ट्रवाद को लोगों की चेतना से कमजोर होने देने का आरोप लगाया।
फिलहाल ‘गेरुआ सम्मान यात्रा’ के जरिए जादवपुर को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर वैचारिक और राजनीतिक टकराव का मुद्दा सामने आया है।