‘बच्चों का ख्याल रखना... हम जिंदा नहीं बच पाएंगे’, नेपाल में लापता भोपाल के 29 लोगों की आखिरी कॉल सुन आपके रूह कांप जायेंगे
Bhopal: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। इस आपदा में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इसी बीच मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से नेपाल गए एक ही परिवार के 29 लोगों से संपर्क टूटने का मामला सामने आया है। परिजनों का कहना है कि बुधवार सुबह आखिरी बार परिवार के सदस्यों से फोन पर बात हुई थी। इसके बाद से किसी से संपर्क नहीं हो पाया है।
तीर्थ यात्रा के लिए नेपाल गया था 29 लोगों का परिवार
जानकारी के अनुसार, भोपाल के कोलार इलाके में रहने वाले एक परिवार के करीब 29 सदस्य नेपाल के रसुवा जिले में स्थित गोसाईकुंडा तीर्थ की यात्रा पर गए थे। परिवार की सदस्य देवकी अधिकारी ने बताया कि उनके जेठ-जेठानी, देवर-देवरानी और परिवार के अन्य सदस्य मिलाकर कुल 29 लोग नेपाल गए थे।
बताया जा रहा है कि नेपाल में अचानक आई बाढ़ के कारण सभी लोग प्रभावित इलाके में फंस गए। इसके बाद से परिवार के लोग लगातार अपने रिश्तेदारों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है।
‘जान बचाने के लिए पहाड़ की ओर जा रहे हैं’
परिजनों के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 9:30 बजे नेपाल गए परिवार के सदस्यों से आखिरी बार फोन पर बातचीत हुई थी। उस समय उन्होंने बताया था कि इलाके में बाढ़ आने की सूचना मिली है और वे अपनी जान बचाने के लिए पहाड़ की ओर जा रहे हैं।
कुछ देर बाद परिवार की ओर से दोबारा जानकारी दी गई कि उन्होंने एक मकान की छत पर शरण ले ली है। इसके बाद हालात और बिगड़ने की बात सामने आई।
‘यह घर आधा डूबा है, हम बच नहीं पाएंगे...’
देवकी अधिकारी के मुताबिक, परिवार के सदस्यों ने फोन पर बताया था कि जिस मकान की छत पर उन्होंने शरण ली है, वह भी आधा डूब चुका है। इसी दौरान उन्होंने कथित तौर पर कहा कि ‘हम बच नहीं पाएंगे, बच्चों का ख्याल रखना।’
इसके बाद फोन अचानक बंद हो गया। तब से परिवार के किसी भी सदस्य से संपर्क नहीं हो पाया है। करीब 48 घंटे बीतने के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिलने से भोपाल में रह रहे परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
हालांकि, परिवार के सदस्यों को अभी भी उम्मीद है कि नेपाल में फंसे सभी लोग सुरक्षित होंगे और जल्द ही उनसे संपर्क स्थापित हो जाएगा।
जिस बस से गए थे, वह भी निकल गई
परिजनों के मुताबिक, नेपाल यात्रा के दौरान परिवार के सदस्य जिस बस से गए थे, वह वहां से निकल चुकी थी। परिवार के सदस्यों ने फोन पर बताया था कि बस के चले जाने के बाद वे एक मकान की छत पर शरण लेने को मजबूर हैं।
बताया गया कि जिस मकान में उन्होंने शरण ली थी, उसमें भी बाढ़ का पानी घुस चुका था। इसी दौरान परिवार के सदस्यों से संपर्क टूट गया।
घर पहुंच रहे रिश्तेदार और परिचित
घटना की जानकारी मिलने के बाद भोपाल के कोलार स्थित परिवार के घर पर रिश्तेदारों और परिचितों का पहुंचना शुरू हो गया है। परिवार के एक परिचित ने बताया कि उन्हें टीवी और अन्य माध्यमों से नेपाल में आई तबाही की जानकारी मिली। जब उन्हें पता चला कि देवकी अधिकारी के परिवार के करीब 28-29 लोग नेपाल गए हुए हैं और उनसे संपर्क नहीं हो रहा है, तो वह सीधे उनके घर पहुंच गए।
परिवार के घर पर इस समय चिंता का माहौल है और लोग लगातार नेपाल में फंसे अपने परिजनों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद कर रहे हैं।
MP सरकार के कंट्रोल रूम से भी संपर्क
लापता लोगों की जानकारी जुटाने के लिए परिवार के सदस्य नेपाल में लगातार संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं। इसके साथ ही मध्य प्रदेश सरकार की ओर से जारी कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन के माध्यम से भी जानकारी हासिल करने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि, अब तक परिवार को नेपाल में मौजूद अपने 29 परिजनों के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है। परिजनों की मांग है कि नेपाल में राहत एवं बचाव अभियान के जरिए जल्द से जल्द लापता लोगों का पता लगाया जाए।
नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के बाद कई इलाकों में संपर्क और सड़क व्यवस्था प्रभावित हुई है। ऐसे में लापता लोगों तक पहुंचने और उनकी स्थिति की जानकारी जुटाने में राहत एवं बचाव टीमों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।