तारापीठ होटल अग्निकांड: पटना के 3 लोग रेस्क्यू, मेघालय के 5 और अलीपुरदुआर के 4 की मौत
Tarapith Hotel fire tragedy: पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के तारापीठ स्थित एक होटल में सोमवार तड़के लगी भीषण आग में मृतकों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है। मृतकों में मेघालय के पांच और अलीपुरद्वार इलाके के चार निवासी शामिल हैं। हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान चलाया गया, जिसमें कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
इस अग्निकांड में पटना, बिहार के तीन लोगों- अर्चना सिंह, युवराज सिंह और अनुभाग सिंह को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। उन्हें होटल से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
होटल में ठहरे थे कुल 43 यात्री
प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, तारापीठ इलाके में स्थित विदेशिनी यात्री निवास में हादसे के समय कुल 43 यात्री ठहरे हुए थे।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 28 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि छह यात्रियों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। हादसे में नौ लोगों की मौत हुई है।
सोमवार तड़के होटल में अचानक आग लगने के बाद अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचे और होटल में फंसे लोगों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया।
मृतकों में मेघालय के पांच और अलीपुरद्वार के चार लोग
प्रशासन के अनुसार, मेघालय के शिव बारी बगनारा और साउथ गारो हिल्स क्षेत्र से आए 11 यात्री होटल में ठहरे हुए थे। इनमें से पांच लोगों की हादसे में मौत हो गई।
मृतकों की पहचान राजेंद्र नाथ, उनकी पत्नी आशा नाथ, उनके पुत्र आयुषनाथ, बुरान मोदक और उनके पुत्र शिवराज मोदक के रूप में बताई गई है।
इसके अलावा अलीपुरद्वार इलाके के कमल राय, अमित पाल, सुबीर साहा और राजेश शर्मा की भी आग की घटना में मौत हुई है।
छह घायलों का इलाज जारी
हादसे में छह लोग घायल हुए हैं और उनका इलाज चल रहा है। इनमें मेघालय से आए यात्रियों में गणेश दे, उनकी पत्नी झरना दे, चंद्रिका नाहा, उनकी पत्नी दोलन नाहा, उनकी बेटी जितिप्रिया नाहा और माधवी मोदक शामिल हैं।
घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी स्थिति पर चिकित्सकों की निगरानी बनी हुई है।
आग लगने के कारणों की जांच
होटल में आग लगने के कारणों का फिलहाल स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। प्रशासन की ओर से घटना की जांच की जा रही है। आग की शुरुआत कैसे हुई और इतनी तेजी से होटल में कैसे फैली, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घायलों के उपचार और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच करना है। हादसे में नौ लोगों की मौत के बाद तारापीठ इलाके में शोक का माहौल है।