CBSE री-इवैल्यूएशन पोर्टल की तकनीकी खामियों से छात्रों में नाराजगी, समय सीमा बढ़ाने की उठी मांग..हजारों छात्र परेशान

New Delhi: छात्रों की ओर से लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं कि वेबसाइट या तो खुल नहीं रही है या आवेदन प्रक्रिया के दौरान बार-बार एरर आ रहा है. सोमवार को री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया शुरू होने के पहले दिन ही पोर्टल बंद था. इसके बाद CBSE की ओर मंगलवार को पोर्टल फिर से चालू किए जाने की जानकारी दी गई, लेकिन कई छात्रों का कहना है कि समस्याएं अब भी बनी हुई हैं.
 

New Delhi: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ( CBSE ) का री-इवैल्यूएशन (उत्तरपुस्तिका पुनर्मूल्यांकन) पोर्टल एक बार फिर तकनीकी समस्याओं के कारण विवादों में आ गया है. रिजल्ट जारी होने के बाद जैसे ही री-इवैल्यूएशन और मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए पोर्टल खोला गया, बड़ी संख्या में छात्रों को लॉग-इन, फॉर्म सबमिशन और पेमेंट से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

बोर्ड ने पोर्टल को दोबारा एक्टिव करने का दावा किया है, लेकिन छात्रों की ओर से लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं कि वेबसाइट या तो खुल नहीं रही है या आवेदन प्रक्रिया के दौरान बार-बार एरर आ रहा है. सोमवार को री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया शुरू होने के पहले दिन ही पोर्टल बंद था. इसके बाद CBSE की ओर मंगलवार को पोर्टल फिर से चालू किए जाने की जानकारी दी गई, लेकिन कई छात्रों का कहना है कि समस्याएं अब भी बनी हुई हैं.

छात्रों की प्रमुख शिकायतें

छात्रों का कहना है कि पोर्टल खुलते ही “सर्वर एरर”, “पेज नॉट रिस्पॉन्डिंग” और “रिक्वेस्ट फेल” जैसे मैसेज आने लगे. कई छात्रों ने बताया कि लॉग-इन करने के बाद आवेदन फॉर्म भरते समय पोर्टल अचानक हैंग हो जाता है. वहीं कुछ मामलों में भुगतान कटने के बावजूद आवेदन स्टेटस अपडेट नहीं हुआ, जिससे छात्रों की चिंता और बढ़ गई.

सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा

तकनीकी खामियों को लेकर छात्रों और अभिभावकों ने सोशल मीडिया पर नाराज़गी जाहिर की. कई यूज़र्स ने सवाल उठाया कि हर साल लाखों छात्रों की संख्या जानते हुए भी पोर्टल की क्षमता और सर्वर मैनेजमेंट को क्यों नहीं सुधारा जाता. कुछ छात्रों ने समय-सीमा बढ़ाने की भी मांग की है, ताकि तकनीकी दिक्कतों के कारण कोई छात्र री-इवैल्यूएशन से वंचित न रह जाए.

मंगलवार को भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर छात्रों ने अपनी परेशानी साझा की. एक छात्र ने लिखा, “साइट खुल ही नहीं रही है. हजारों छात्र लगातार कोशिश कर रहे हैं, लेकिन तकनीकी गड़बड़ी अब भी जारी है. इसका समाधान कैसे होगा?”

वहीं एक अन्य छात्र ने शिकायत करते हुए कहा कि आवेदन फॉर्म भरने के बाद जैसे ही दस्तावेज अपलोड करने की कोशिश की जाती है, सिस्टम सीधे होम पेज पर वापस भेज देता है. इससे पूरी प्रक्रिया दोबारा शुरू करनी पड़ रही है और छात्रों का समय बर्बाद हो रहा है.

छात्रों की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि इंजीनियरिंग प्रवेश प्रक्रिया की सबसे जरूरी काउंसलिंग JoSAA जल्द शुरू होने वाली है. ऐसे में कई छात्र अपने अंकों के सत्यापन और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करना चाहते हैं, जिससे यदि किसी विषय में अंक बढ़ते हैं तो उसका लाभ उन्हें प्रवेश प्रक्रिया में मिल सके. छात्रों का कहना है कि पहले ही री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया में देरी हुई है और अब पोर्टल की तकनीकी समस्याओं के कारण आवेदन करना और मुश्किल हो गया है.



CBSE से जवाब की मांग

लगातार आ रही शिकायतों के बीच छात्रों और अभिभावकों ने CBSE से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है. सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने बोर्ड अधिकारियों को टैग करते हुए पूछा है कि आखिर तकनीकी दिक्कतों का स्थायी समाधान कब तक होगा और जिन छात्रों को आवेदन करने में परेशानी हो रही है, उनके लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी.

2 से 6 जून तक खुला रहेगा पोर्टल

CBSE के अनुसार वेरिफिकेशन ऑफ इश्यूज और री-इवैल्यूएशन के लिए पोर्टल 2 जून 2026 से 6 जून 2026 (मध्यरात्रि) तक खुला रहेगा. निर्धारित समय सीमा के बाद किसी भी प्रकार का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा. बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ऑफलाइन आवेदन की कोई व्यवस्था नहीं है.

कितनी देनी होगी फीस?

  • वेरिफिकेशन ऑफ इश्यूज: 100 रुपए प्रति उत्तर पुस्तिका
  • री-इवैल्यूएशन: 25 रुपए प्रति प्रश्न
  • शुल्क का भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यमों जैसे UPI, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और नेट बैंकिंग के जरिए किया जा सकेगा

एक ही बार में कई विषयों और समस्याओं के लिए आवेदन

CBSE के अनुसार छात्र एक ही आवेदन में कई विषयों से संबंधित समस्याएं दर्ज कर सकते हैं. अलग-अलग मुद्दों के लिए बार-बार आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी. पोर्टल में लॉग-इन करने के बाद छात्रों को बाईं ओर कई विकल्प दिखाई देंगे, जहां से वह अपनी जरूरत के अनुसार वेरिफिकेशन या री-इवैल्यूएशन का विकल्प चुन सकते हैं.

वेरिफिकेशन ऑफ इश्यूज के तहत क्या-क्या शिकायतें दर्ज कर सकते हैं

वेरिफिकेशन ऑफ इश्यूज के लिए आवेदन करते समय छात्र उन विषयों का चयन कर सकते हैं जिनकी स्कैन कॉपी उन्होंने पहले ले ली है. इसके बाद वह इन समस्याओं की रिपोर्ट कर सकते हैं.

  • उत्तर पुस्तिका के पृष्ठ गायब होना
  • सप्लीमेंट्री कॉपी गायब होना
  • ग्राफ या मैप का स्कैन न होना
  • उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी धुंधली होना
  • उत्तर पुस्तिका किसी अन्य छात्र की होना
  • गलत प्रश्नपत्र सेट के आधार पर मूल्यांकन होना

अगर किसी छात्र के पृष्ठ गायब हैं तो उसे संबंधित पेज नंबर दर्ज करने होंगे. इसी प्रकार सप्लीमेंट्री कॉपी या अन्य समस्याओं के लिए जरूरी जानकारी भरनी होगी.

CBSE ने छात्रों को सलाह दी है कि आवेदन जमा करने से पहले सभी विवरणों की अच्छी तरह जांच कर लें. यदि किसी छात्र को एक से अधिक शिकायत दर्ज करनी है तो वह “Make Another Verification Request” विकल्प का उपयोग कर सकता है. एक बार “Freeze and Proceed to Payment” पर क्लिक करने के बाद आवेदन में कोई संशोधन संभव नहीं होगा. इसके बाद छात्रों को ऑनलाइन भुगतान करना होगा. भुगतान सफल होने पर आवेदन डाउनलोड किया जा सकेगा और उसकी स्थिति भी ट्रैक की जा सकेगी.

री-इवैल्यूएशन के लिए ऐसे करें आवेदन

री-इवैल्यूएशन के लिए छात्र संबंधित विषय का चयन करेंगे. इसके बाद उन्हें उस प्रश्न का नंबर दर्ज करना होगा जिसके मूल्यांकन पर आपत्ति है. साथ ही उस प्रश्न का पेज नंबर, मिले अंक और अपेक्षित अंक भी भरने होंगे. उदाहरण के तौर पर यदि किसी छात्र को लगता है कि प्रश्न 1A में उसे कम अंक दिए गए हैं, तो वह प्रश्न संख्या 1A दर्ज कर सकता है. इसके साथ ही उसे यह भी बताना होगा कि उत्तर पुस्तिका के किस पृष्ठ पर वह प्रश्न मौजूद है.

कारण स्पष्ट रूप से बताना होगा

री-इवैल्यूएशन आवेदन में छात्रों को अपने दावे का कारण भी स्पष्ट रूप से लिखना होगा. CBSE ने सामान्य या अस्पष्ट कारण लिखने से बचने की सलाह दी है. उदाहरण के लिए यदि किसी प्रश्न में स्टेप मार्क्स नहीं दिए गए हैं तो छात्र इसका स्पष्ट उल्लेख कर सकते हैं. यदि एक से अधिक प्रश्नों के लिए री-इवैल्यूएशन करवाना है तो “Add New Question” विकल्प के माध्यम से अतिरिक्त प्रश्न जोड़े जा सकते हैं.

सभी विवरण भरने और अंतिम समीक्षा के बाद छात्रों को आवेदन लॉक कर ऑनलाइन शुल्क जमा करना होगा. भुगतान सफल होने के बाद आवेदन की कॉपी डाउनलोड की जा सकेगी और पोर्टल पर उसके निस्तारण की स्थिति भी देखी जा सकेगी. CBSE ने छात्रों से आवेदन प्रक्रिया के दौरान सभी जानकारियां सावधानीपूर्वक भरने की अपील की है, जिससे किसी प्रकार की गलती से बचा जा सके. बोर्ड ने कहा है कि पोर्टल पूरी तरह सक्रिय है और छात्र अब वेरिफिकेशन ऑफ इश्यूज तथा री-इवैल्यूएशन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.