ईरान जंग का वैश्विक असर: भारत समेत दुनिया में मचा ऊर्जा संकट, खेती से लेकर आम जिंदगी तक पर पड़ा बड़ा झटका

 
Newshaat Desk; पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर पूरी दुनिया की रफ्तार पर साफ नजर आने लगा है। ईरान में चल रहे युद्ध ने वैश्विक सप्लाई चेन को झकझोर दिया है और इसका सीधा असर भारत समेत कई देशों पर पड़ रहा है। अब तक मिडिल ईस्ट में 8 भारतीयों की मौत की खबर सामने आ चुकी है, जबकि तेल, गैस और खाद की सप्लाई पर भी दबाव बढ़ गया है।

ऊर्जा संकट के चलते हालात ऐसे बन गए हैं कि कई देशों को असामान्य फैसले लेने पड़ रहे हैं। पाकिस्तान ने सरकारी कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम लागू कर दिया है, वहीं चीन समेत कई देशों में ईंधन की कीमतों में उछाल देखा जा रहा है। असर सिर्फ एशिया तक सीमित नहीं ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड और बांग्लादेश जैसे देशों में भी संकट गहराता जा रहा है।

सबसे बड़ा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ने की आशंका है। होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाली फर्टिलाइजर सप्लाई बाधित होने लगी है, जिससे खाद की कमी और महंगाई बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है। इसका सीधा असर खेती और खाद्य उत्पादन पर पड़ सकता है।

ऊर्जा बचाने के लिए कई देशों में अनोखे कदम उठाए जा रहे हैं। दक्षिण कोरिया में लोगों से कम पानी में नहाने की अपील की गई है, तो थाईलैंड में ऑफिस कर्मचारियों को एसी कम चलाने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। फिलीपींस में एस्केलेटर का कम इस्तेमाल करने को कहा गया है, जबकि मिस्र ने शॉपिंग के दिन तक घटा दिए हैं।

इस संकट का असर व्यापार और उद्योग पर भी साफ दिख रहा है। बांग्लादेश में तैयार कपड़े एयरपोर्ट पर अटके पड़े हैं क्योंकि फ्लाइट्स कैंसिल हो रही हैं। वहीं दुबई और दोहा जैसे कार्गो हब प्रभावित होने से कैंसर की दवाओं की सप्लाई तक पर असर पड़ा है।

मनोरंजन और खेल जगत भी इससे अछूता नहीं है। सऊदी अरब और बहरीन में फॉर्मूला-1 रेस टाल दी गई है, जबकि इंटरनेशनल शो और इवेंट्स भी स्थगित किए जा रहे हैं।

आर्थिक मोर्चे पर भी हालात चिंताजनक हैं। अमेरिका में मकानों के दाम बढ़ रहे हैं, तो चीनी और सोने जैसी चीजों की कीमतों में अस्थिरता देखने को मिल रही है। श्रीलंका और लाओस जैसे देशों ने हालात को देखते हुए कामकाजी व्यवस्था में बदलाव तक कर दिया है।

ईरान का यह संघर्ष अब एक ग्लोबल इकोनॉमिक झटके में बदल चुका है, जिसका असर हर आम आदमी की जिंदगी तक पहुंच रहा है। आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ते हैं या संभलते हैं, इस पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है।