बारामती में लोकतंत्र का महापर्व, उपचुनाव के लिए सुबह से वोटिंग जारी; CM सुनेत्रा पवार ने किया मतदान, 23 प्रत्याशी मैदान में...

Baramati Vidhansabha Byelection: यह उपचुनाव 28 जनवरी को एक विमान हादसे में तत्कालीन उप-मुख्यमंत्री और NCP प्रमुख अजित पवार के निधन के कारण ज़रूरी हो गया था. इस उपचुनाव के लिए मतदान होना है, जिसमें सुनेत्रा पवार सहित कुल 23 उम्मीदवार मैदान में हैं.
 

Baramati Vidhansabha Byelection: बारामती विधानसभा उपचुनाव के लिए गुरुवार सुबह मतदान शुरू हो गया है. इससे पहले सुबह 7 बजे से वोटिंग जारी है और शाम 6 बजे तक चलेगी. इसमें कुल 23 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं. सूबे की उप-मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने बारामती उपचुनाव के लिए अपना वोट काटेवाड़ी में डाल दिया है. यह पवार परिवार का पैतृक गांव है. बारामती वही सीट है, जो पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार की मौत के बाद खाली हो गई थी. मतदान को लेकर सुनेत्रा पवार ने मतदाताओं से अपील की है कि वे उनके दिवंगत पति अजित पवार को श्रद्धांजलि के तौर पर उनका समर्थन करें. 

यह उपचुनाव 28 जनवरी को एक विमान हादसे में तत्कालीन उप-मुख्यमंत्री और NCP प्रमुख अजित पवार के निधन के कारण ज़रूरी हो गया था. इस उपचुनाव के लिए मतदान होना है, जिसमें सुनेत्रा पवार सहित कुल 23 उम्मीदवार मैदान में हैं. 

हालांकि, इस चुनाव में सुनेत्रा पवार की जीत पक्की मानी जा रही है, लेकिन यह देखना बाकी है कि क्या वह अपने दिवंगत पति की तरह ही रिकॉर्ड अंतर से जीत हासिल कर पाएंगी.

स्थानीय एनसीपी नेता मतदाताओं की भागीदारी को लेकर कश्मकश जैसी स्थिति में हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि लोग सुनेत्रा पवार की जीत को पहले से ही तय मानकर मतदान करने न जाएं. 

मंगलवार को अपने समापन भाषण में सुनेत्रा पवार ने एक भावुक अपील करते हुए कहा कि उनके लिए दिया गया हर वोट अजित 'दादा' (बड़े भाई) को एक सच्ची श्रद्धांजलि होगी. सुनेत्रा ने कहा कि वह यह सुनिश्चित करेंगी कि इस निर्वाचन क्षेत्र के लिए अजित पवार के सपनों को आगे बढ़ाया जाए और पूरा किया जाए. सुनेत्रा ने अपने पति की मौत के कुछ दिनों बाद ही उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. इससे पहले उनके पास कोई भी बड़े पद का अनुभव नहीं था. 

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी मंगलवार को समापन रैली को संबोधित किया और मतदाताओं से बड़ी तादाद में बाहर निकलकर सुनेत्रा 'वहिनी' (भाभी) के लिए वोट करने की गुजारिश की. उन्होंने कहा कि 23 अप्रैल का दिन अजित दादा के प्रति अपना प्यार व्यक्त करने और उन्हें श्रद्धांजलि देने का दिन है. ऐसी उम्मीद थी कि परंपरा का पालन करते हुए प्रमुख राजनीतिक दल सुनेत्रा के खिलाफ अपने उम्मीदवार नहीं उतारेंगे, लेकिन कांग्रेस ने शुरू में अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया था. बाद में, सुनेत्रा पवार और NCP, NCP (SP), बीजेपी तथा अन्य दलों के सीनियर नेताओं की अपीलों के बाद उस उम्मीदवार ने चुनाव मैदान से अपना नाम वापस ले लिया. इसके बावजूद, 22 निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव मैदान में डटे रहे, जिससे मतदान होना अनिवार्य हो गया. 

एनसीपी (SP) प्रमुख शरद पवार ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि स्वास्थ्य कारणों से वे बारामती में अपना वोट नहीं डाल पाएंगे. ज़िला चुनाव अधिकारियों के अनुसार, उपचुनाव के लिए व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं. बारामती निर्वाचन क्षेत्र में रजिस्टर्ड मतदाताओं की कुल संख्या 3.84 लाख है. 

क्या रहा है अजित पवार का रिकॉर्ड?

अजित पवार ने 2024 के राज्य चुनावों में 1,81,132 वोट हासिल करके बारामती विधानसभा सीट जीती थी, जो पिछले कई दशकों से पवार परिवार का गढ़ रही है. उन्होंने अपने भतीजे NCP (शरद पवार गुट) के युगेंद्र पवार को हराया था, जिन्हें 80,233 वोट मिले थे. उस वक्त 23 कुल मतदान 71.57 प्रतिशत रहा था.