राष्ट्रगान बजता रहा और मंच से उतर गए सतीश महाना! वीडियो ने मचाई हलचल

UP: उत्तर प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो उन्नाव में आयोजित प्रधानाचार्य परिषद के कार्यक्रम का बताया जा रहा है. रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस के गार्ड ऑफ ऑनर के बाद राष्ट्रगान शुरू हुआ और राष्ट्रगान पूरा होने से पहले महाना सलामी मंच से नीचे उतर गए. इसके बाद वह कार्यक्रम स्थल से रवाना हो गए.
 

UP:  उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में शनिवार को उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के प्रांतीय अधिवेशन के दौरान उस समय असहज स्थिति बन गई, जब विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना राष्ट्रगान के दौरान सलामी मंच से नीचे उतर गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

गार्ड ऑफ ऑनर के बाद शुरू हुआ राष्ट्रगान

कानपुर की महाराजपुर विधानसभा सीट से विधायक और उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना शनिवार को उन्नाव के पूरन नगर स्थित एक स्कूल में आयोजित प्रधानाचार्य परिषद के अधिवेशन और संगोष्ठी में पहुंचे थे। कार्यक्रम में प्रोटोकॉल के तहत पुलिस की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

उन्नाव में एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगान बज रहा था, लेकिन सतीश महाना जी चल दिए.

सतीश महाना जी BJP विधायक हैं और यूपी विधानसभा के स्पीकर हैं.

सवाल है- अब कितने चैनल इस अपमान पर डिबेट करेंगे❓❓ pic.twitter.com/fb6F4fehIm

— Anurag Verma ( PATEL ) (@AnuragVerma_SP) August 22, 2026


बताया गया कि गार्ड ऑफ ऑनर समाप्त होने के तुरंत बाद राष्ट्रगान शुरू हुआ। इसी दौरान सतीश महाना सलामी मंच पर मौजूद थे।

राष्ट्रगान के बीच मंच से नीचे उतरे

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा है कि राष्ट्रगान के दौरान सतीश महाना अचानक पीछे की ओर मुड़ते हैं और सलामी मंच से नीचे उतर जाते हैं। मंच से नीचे आने के बाद कुछ समर्थक उनके पास पहुंच गए और उनके पैर छूने लगे।

वीडियो सामने आने के बाद इस घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, वायरल वीडियो के आधार पर घटना के पूरे संदर्भ या मंच से उतरने की वजह की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

राम मंदिर आंदोलन पर भी बोले सतीश महाना

कार्यक्रम के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सतीश महाना ने श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोग इस संघर्ष में खड़े थे और मंदिर सैकड़ों वर्षों के संघर्ष और बलिदान का परिणाम है।

उन्होंने राम मंदिर के लिए दी गई राशि को भगवान के चरणों में समर्पण बताते हुए कहा कि समर्पण राशि वापस मांगने की बात आस्थावानों को आहत करने वाली है।

विपक्ष और जेन जी आंदोलन पर क्या कहा?

सदन में विपक्ष के रवैये पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने कई बार हाथ जोड़कर विपक्ष से अपनी बात रखने का आग्रह किया, लेकिन विपक्ष उनकी बात सुनने को तैयार नहीं हुआ।

वहीं, जेन जी आंदोलन को लेकर उन्होंने कहा कि बच्चों के हित में माता-पिता सोचते हैं और किसी भी व्यवस्था को अच्छा या खराब कहने से पहले उसकी परिस्थितियों को समझना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि सुधार की दिशा में लगातार आगे बढ़ना जरूरी है। बच्चों को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन संस्कार और सीमा में रहते हुए समाज और सरकार मिलकर आने वाले मुद्दों का समाधान कर सकते हैं।