बरेली में निर्माणाधीन पानी की टंकी गिरने की वजह आई सामने, नदी के तेज कटान ने कमजोर की नींव
Barely News: बरेली के शेरगढ़ विकासखंड स्थित बैरमनगर गांव में निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक गिरने के मामले में जल निगम (ग्रामीण) की जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। रिपोर्ट में टंकी गिरने के पीछे निर्माण की गुणवत्ता में कमी या किसी तरह की लापरवाही को कारण नहीं माना गया है। विभाग के मुताबिक, किच्छा नदी के अचानक बढ़े जलप्रवाह और तेज कटान के कारण टैंक की नींव के आसपास की मिट्टी बह गई, जिसके बाद निर्माणाधीन ढांचा अस्थिर होकर गिर गया।
यह ओवरहेड टैंक जल जीवन मिशन के तहत बनाया जा रहा था। विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, निर्माण के समय टैंक की जगह नदी से करीब 150 मीटर की दूरी पर थी और यह क्षेत्र फ्लड जोन में भी नहीं आता था।
कुछ ही दिनों में बदल गई नदी की धारा
जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले सप्ताह हुई भारी बारिश के बाद नदी में अचानक पानी का बहाव बढ़ गया। रिपोर्ट में यह भी संभावना जताई गई है कि गौला बैराज से अधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने का असर जलप्रवाह पर पड़ा।
इसके बाद किच्छा नदी की धारा में बदलाव आया और महज तीन से चार दिनों के भीतर नदी ने तेजी से कटान शुरू कर दिया। पानी धीरे-धीरे टैंक निर्माण स्थल के किनारे तक पहुंच गया।
सैंड बैग और पिचिंग से रोकने की हुई कोशिश
नदी के बढ़ते कटान को देखते हुए जल निगम की ओर से टैंक परिसर की सुरक्षा के लिए सैंड बैग और पिचिंग की व्यवस्था की गई थी। हालांकि, पानी का बहाव काफी तेज और गहरा होने के कारण कटान को रोकने के लिए तत्काल स्थायी उपाय करना संभव नहीं हो सका।
लगातार कटान के कारण टैंक की नींव के आसपास की जमीन कमजोर होती चली गई।
तीन मीटर गहरी नींव भी नहीं बचा पाई ढांचा
रिपोर्ट के मुताबिक, टैंक की नींव करीब तीन मीटर गहरी थी। लेकिन नदी के तेज कटाव में नींव के आसपास की मिट्टी ही बह गई। इससे नींव का धरातलीय सहारा कमजोर हुआ और निर्माणाधीन टैंक एक तरफ झुकने लगा।
आखिरकार 8 सितंबर को आंशिक रूप से तैयार ओवरहेड टैंक अस्थिर होकर नदी में गिर गया।
निर्माण मानकों पर भी दी गई सफाई
जल निगम (ग्रामीण) की रिपोर्ट में कहा गया है कि निर्माण से पहले मिट्टी की जांच कराई गई थी और स्वीकृत ड्राइंग-डिजाइन के मुताबिक काम किया जा रहा था। विभाग ने निर्माण सामग्री और उसकी गुणवत्ता में भी किसी तरह की कमी से इनकार किया है।
रिपोर्ट के अनुसार, निर्माण के दौरान नदी टैंक स्थल से काफी दूर थी। बाद में नदी की धारा और तटरेखा में अचानक हुए बदलाव ने स्थिति बदल दी। विभाग ने प्राकृतिक परिस्थितियों और तेज कटान को टंकी गिरने की मुख्य वजह बताया है।
इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद टंकी गिरने की घटना को लेकर निर्माण गुणवत्ता पर उठ रहे सवालों के बीच विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्राथमिक जांच में निर्माण में लापरवाही के बजाय नदी के असामान्य कटान को जिम्मेदार पाया गया है।