वाराणसी में हर 30 मिनट में बदलेगा नजारा, एयर शो के साथ नमो घाट पर खास प्रस्तुति...200 कलाकार मचाएंगे धूम!

काशी में होने वाला एयर शो दर्शकों के लिए रोमांच और सांस्कृतिक रंगों का अनूठा संगम बनने जा रहा है. आसमान में विमानों के करतबों के साथ नमो घाट पर भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. यहां करीब 200 कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे. आयोजन की खास बात यह होगी कि नमो घाट पर हर आधे घंटे में कार्यक्रम का नजारा बदलता रहेगा. इससे दर्शकों को अलग-अलग तरह की प्रस्तुतियां देखने का मौका मिलेगा.

 

Varanasi Air Show:  उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा के ऊपर प्रस्तावित एयर शो को यादगार बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। 22, 24 और 25 अक्टूबर को प्रस्तावित इस आयोजन में दर्शकों को आसमान में विमानों के रोमांचक करतबों के साथ नमो घाट पर काशी की समृद्ध कला और संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी। इसके लिए नमो घाट पर आठ मंच तैयार किए जा रहे हैं, जहां करीब 200 कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

आयोजन में मां गंगा पर आधारित नृत्य, भगवान शिव की नृत्य-नाटिका, भारतीय वायुसेना का बैंड और राजस्थान, पंजाब तथा असम के पारंपरिक लोकनृत्य प्रमुख आकर्षण होंगे। योजना के मुताबिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों को एयर शो के साथ इस तरह जोड़ा जाएगा कि दर्शकों को गंगा किनारे मनोरंजन और सांस्कृतिक विरासत का अनूठा अनुभव मिल सके।

नमो घाट पर बनेंगे आठ मंच, तीन चरणों में होंगी प्रस्तुतियां

एयर शो के दौरान नमो घाट के तीनों फेज में कुल आठ मंच तैयार किए जा रहे हैं। इनमें फेज-एक में तीन, फेज-दो में दो और फेज-तीन में तीन मंच होंगे। इन मंचों पर अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है।

कार्यक्रमों में मां गंगा की महिमा पर आधारित नृत्य प्रस्तुति और भगवान शिव के जीवन तथा स्वरूप से जुड़ी नृत्य-नाटिका शामिल होगी। इसके अलावा वायुसेना के बैंड की धुनें भी आयोजन का आकर्षण बढ़ाएंगी। राजस्थान और पंजाब के पारंपरिक लोकनृत्यों के साथ असम के प्रसिद्ध बिहू नृत्य की प्रस्तुति भी प्रस्तावित है।

इस आयोजन के जरिए देश के अलग-अलग राज्यों की सांस्कृतिक विविधता को काशी के धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण के साथ प्रस्तुत करने की तैयारी है।

एयर शो के लिए तकनीकी तैयारियां तेज

गंगा के ऊपर होने वाले एयर शो को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए तकनीकी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भारतीय वायुसेना की ओर से रडार, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और हॉटलाइन जैसी व्यवस्थाएं स्थापित की जा रही हैं।

दर्शकों तक जरूरी सूचनाएं पहुंचाने के लिए 25 से अधिक स्थानों पर सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली लगाने की तैयारी है। इससे आयोजन के दौरान आवश्यक घोषणाएं और निर्देश लोगों तक पहुंचाए जा सकेंगे।

वहीं, नमो घाट और आसपास के क्षेत्रों में संपर्क मार्गों को दुरुस्त करने का काम भी जारी है, ताकि कार्यक्रम के दौरान आवाजाही को व्यवस्थित रखा जा सके।

राजघाट से दशाश्वमेध घाट तक बैरिकेडिंग

एयर शो के मद्देनजर राजघाट से दशाश्वमेध घाट तक बैरिकेडिंग की जा रही है। नमो घाट के फेज-दो तक पहुंचने वाले एक रास्ते का काम पूरा हो चुका है, जबकि अन्य संपर्क मार्गों पर भी तैयारियां जारी हैं।

आयोजन में बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए यातायात और सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी। ऐसे में लोगों को कार्यक्रम में शामिल होने से पहले प्रशासन की ओर से जारी ट्रैफिक एडवाइजरी और प्रवेश संबंधी निर्देशों की जानकारी लेने की सलाह दी जाती है।

गंगा पर बनेगा करीब 200 मीटर लंबा पीपा पुल

एयर शो के दौरान आपात स्थिति में आवाजाही के लिए गंगा क्षेत्र में करीब 200 मीटर लंबा अस्थायी पीपा पुल तैयार किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग की ओर से बनाए जा रहे इस पुल से आदिकेशव क्षेत्र को नमो घाट से जोड़ने की योजना है।

जरूरत पड़ने पर इस पुल का इस्तेमाल वैकल्पिक मार्ग के रूप में किया जा सकेगा। वीवीआईपी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुल और आसपास के क्षेत्र में भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री के संभावित कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा तैयारियों पर भी नजर रखी जा रही है। हालांकि, प्रधानमंत्री के कार्यक्रम, पुल के इस्तेमाल और सुरक्षा प्रतिबंधों से जुड़ी अंतिम जानकारी प्रशासन की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।

22, 24 और 25 अक्टूबर को प्रस्तावित है एयर शो

उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, वाराणसी में गंगा के ऊपर एयर शो 22, 24 और 25 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित है। हालांकि, भारतीय वायुसेना की ओर से विमानों की भागीदारी, प्रदर्शन के समय और विस्तृत कार्यक्रम की आधिकारिक जानकारी जारी होना बाकी है।

एयर शो के साथ नमो घाट पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की तैयारी इस आयोजन को खास बना सकती है। इससे दर्शकों को एक ओर आसमान में विमानों के प्रदर्शन का रोमांच मिलेगा, तो दूसरी ओर गंगा किनारे भारतीय कला, संगीत और लोकनृत्य की झलक देखने का अवसर भी मिलेगा।