यूपी में डिजिटल पढ़ाई का दायरा बढ़ा, DIKSHA पर 27 लाख से ज्यादा पंजीकृत यूजर
UP News: उत्तर प्रदेश में डिजिटल शिक्षा अब स्कूलों की पारंपरिक पढ़ाई के साथ तेजी से जुड़ रही है। योगी सरकार की ओर से डिजिटल संसाधनों के विस्तार और उनके उपयोग को बढ़ावा देने का असर DIKSHA (डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर नॉलेज शेयरिंग) प्लेटफॉर्म पर भी दिखाई दे रहा है। प्रदेश में अब तक 27.01 लाख से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता DIKSHA से जुड़ चुके हैं। यह देश के कुल पंजीकृत उपयोगकर्ताओं का करीब 12 प्रतिशत है।
वर्ष 2025-26 के दौरान प्रदेश में रोजाना औसतन 17,597 सक्रिय उपयोगकर्ता DIKSHA का इस्तेमाल करते रहे। इसी अवधि में 49,789 नए उपयोगकर्ता भी इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े। इससे साफ है कि शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच ऑनलाइन शिक्षण संसाधनों का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है।
QR कोड से सीधे पढ़ाई की सामग्री तक पहुंच
उत्तर प्रदेश में DIKSHA को स्कूलों की पढ़ाई से जोड़ने के लिए 16 हजार से अधिक QR लिंक्ड शिक्षण वीडियो उपलब्ध कराए गए हैं। किताबों में दिए गए QR कोड को स्कैन कर शिक्षक और विद्यार्थी संबंधित पाठ से जुड़े वीडियो तक सीधे पहुंच सकते हैं।
इस व्यवस्था से कक्षा में पढ़ाए जाने वाले विषयों को डिजिटल सामग्री के जरिए समझने में मदद मिल रही है। खासतौर पर उन विद्यार्थियों के लिए यह उपयोगी है, जिन्हें किसी विषय को दृश्य माध्यम से समझने में आसानी होती है।
गेम आधारित आकलन और स्मार्ट क्लास भी बने हिस्सा
डिजिटल शिक्षा को अधिक रोचक और प्रभावी बनाने के लिए प्रदेश में गेम आधारित आकलन, प्री-लोडेड स्मार्ट क्लास सामग्री और अन्य डिजिटल संसाधनों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे शिक्षक पाठ्यक्रम से जुड़े विषयों को नए तरीके से समझा पा रहे हैं और विद्यार्थियों को भी सीखने के लिए अतिरिक्त सामग्री मिल रही है।
इसके अलावा बहुभाषी पाठ्य सामग्री को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया गया है, जिससे अलग-अलग भाषाई पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थियों तक अध्ययन सामग्री पहुंचाना आसान हो सके।
विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए भी कंटेंट
डिजिटल शिक्षा को समावेशी बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। DIKSHA पर भारतीय सांकेतिक भाषा में सामग्री उपलब्ध कराई गई है। इससे विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए डिजिटल शिक्षण संसाधनों की पहुंच बढ़ाने में मदद मिल रही है।
वहीं, DIKSHA पॉकेट बुकलेट जैसे प्रयासों के जरिए स्कूल स्तर पर डिजिटल संसाधनों को समझने और इस्तेमाल करने की प्रक्रिया को भी आसान बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
2025-26 में रोजाना जुड़े हजारों यूजर
आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2025-26 में प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 17,597 सक्रिय उपयोगकर्ताओं ने DIKSHA का इस्तेमाल किया। इसी दौरान करीब 49,789 नए यूजर्स प्लेटफॉर्म से जुड़े। यह आंकड़े बताते हैं कि डिजिटल शिक्षण सामग्री अब केवल अतिरिक्त सुविधा नहीं रह गई है, बल्कि शिक्षण व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनती जा रही है।
बड़ी आबादी के बीच मजबूत डिजिटल पहुंच
उत्तर प्रदेश की विशाल आबादी और बड़ी संख्या में स्कूलों को देखते हुए 27 लाख से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ताओं का आधार डिजिटल शिक्षा की व्यापक पहुंच को दर्शाता है। देश के कुल DIKSHA उपयोगकर्ताओं में करीब 12 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ यूपी ने इस प्लेटफॉर्म पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है।
सरकार का फोकस अब डिजिटल संसाधनों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ उनके नियमित और प्रभावी इस्तेमाल पर भी है, ताकि शिक्षक और विद्यार्थी तकनीक का लाभ सीधे कक्षा में उठा सकें।
बच्चों की सीख को बेहतर बनाने पर जोर
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि DIKSHA के जरिए डिजिटल शिक्षा को प्रदेश के हर बच्चे और शिक्षक तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। लाखों उपयोगकर्ताओं की भागीदारी इस दिशा में बढ़ती पहुंच को दिखाती है। सरकार का उद्देश्य तकनीक के माध्यम से बच्चों के सीखने के अनुभव को और बेहतर बनाना है।