यूपी के तीन बड़े धार्मिक शहरों को धमकी! अयोध्या-काशी-मथुरा में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, चप्पे-चप्पे पर निगरानी
अयोध्या, काशी और मथुरा को निशाना बनाने की धमकी मिलने की खबर के बाद उत्तर प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. एहतियात के तौर पर 27 नवंबर तक अलर्ट जारी रहने की बात कही गई है. इसके तहत प्रमुख मंदिरों, धार्मिक स्थलों और स्कूलों की सुरक्षा बढ़ाई गई है. धार्मिक शहरों में सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं. संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने के साथ संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है.
UP: उत्तर प्रदेश में दीपावली से पहले सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। अयोध्या, वाराणसी और मथुरा जैसे प्रमुख धार्मिक शहरों को बम धमाकों से दहलाने की धमकी मिलने के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। खालिस्तान नेशनल आर्मी के नाम से भेजे गए धमकी भरे ई-मेल में 8 नवंबर से 27 नवंबर के बीच अलग-अलग जगहों पर विस्फोट करने की चेतावनी दी गई है। इस मामले में यूपी एटीएस और साइबर सेल ने जांच शुरू कर दी है।
अयोध्या और अंबेडकरनगर के स्कूलों को मिला धमकी भरा ई-मेल
मामले की गंभीरता तब बढ़ गई, जब अयोध्या और अंबेडकरनगर के कुछ स्कूलों को भी धमकी भरे संदेश मिले। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अयोध्या के आईसीएसई बोर्ड से संचालित एक स्कूल और अंबेडकरनगर के दो स्कूलों को ई-मेल भेजे गए हैं। इन संदेशों में बच्चों की सुरक्षा का हवाला देते हुए अभिभावकों को 8 से 27 नवंबर के बीच बच्चों को स्कूल नहीं भेजने की सलाह दी गई है।
ई-मेल में 1984 के दंगों का भी उल्लेख
धमकी भरे ई-मेल में वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों का जिक्र किया गया है। संदेश में भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल करते हुए 'खून का बदला खून' जैसी बातें लिखी गई हैं। साथ ही धमाकों और हिंसक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। हालांकि, किसी संगठन के नाम से ई-मेल भेजे जाने का मतलब यह नहीं है कि उस संगठन की इसमें वास्तविक भूमिका है। इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
अयोध्या, काशी और मथुरा को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
धमकी भरे संदेश में उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख धार्मिक शहरों अयोध्या, वाराणसी और मथुरा का नाम शामिल है। इन शहरों के मंदिरों, स्कूलों और अन्य स्थानों को निशाना बनाने की बात कही गई है। इसके बाद संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। खासकर धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
यूपी एटीएस और साइबर सेल खंगाल रही ई-मेल की जानकारी
धमकी की जांच के लिए अयोध्या साइबर सेल और यूपी एटीएस सक्रिय हैं। जांच एजेंसियां ई-मेल के तकनीकी विवरण, उसके स्रोत और भेजने वाले की पहचान का पता लगाने में जुटी हैं। यह भी जांच की जा रही है कि संदेश कहां से भेजा गया और इसके पीछे किसका हाथ है।
वाराणसी में मंदिरों और घाटों पर बढ़ी निगरानी
वाराणसी में प्रमुख मंदिरों, घाटों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की निगरानी बढ़ाई गई है। शहर के होटल, लॉज और धर्मशालाओं में ठहरने वाले लोगों के पहचान पत्रों की जांच पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा शहर की सीमाओं और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।
अभी तक किसी विस्फोट की पुष्टि नहीं
फिलहाल यह पूरा मामला धमकी भरे ई-मेल से जुड़ा है। किसी स्कूल, मंदिर या अन्य सार्वजनिक स्थान पर बम मिलने अथवा विस्फोट होने की पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियां धमकी की विश्वसनीयता का पता लगाने के साथ ई-मेल भेजने वालों की तलाश कर रही हैं।
दीपावली से पहले सामने आए इन धमकी भरे संदेशों ने उत्तर प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन ई-मेल के पीछे कौन है और क्या यह किसी वास्तविक साजिश का हिस्सा है या फिर केवल दहशत फैलाने की कोशिश।