दो दिन में दो हमले? कुणाल घोष पहुंचे हाईकोर्ट, मांगी सुरक्षा...TMC विधायक का बड़ा दावा
Kolkata: तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष ने लगातार दो दिनों में अपनी कार पर हुए हमलों के आरोप के बाद सुरक्षा की मांग को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने अदालत में याचिका दायर कर आशंका जताई है कि भविष्य में भी उन्हें निशाना बनाया जा सकता है। सोमवार को मामले का उल्लेख करते हुए उनके वकील ने तत्काल सुनवाई की मांग की, लेकिन अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया।
तत्काल सुनवाई की मांग कोर्ट ने ठुकराई
कुणाल घोष की ओर से वकील विश्वरूप भट्टाचार्य ने न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख किया। वकील ने दलील दी कि कुणाल घोष निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं और उन पर दो बार हमला होने के बाद उनकी सुरक्षा का मुद्दा गंभीर है।
वकील ने मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की, लेकिन अदालत ने फिलहाल इसे स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने संकेत दिया कि याचिका पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुनवाई की जाएगी।
उत्तरपाड़ा में कार पर पथराव और अंडे फेंकने का आरोप
पहली घटना 26 सितंबर को हुगली जिले के उत्तरपाड़ा में हुई थी। कुणाल घोष के अनुसार, वह सेरामपुर में ममता बनर्जी की सभा में शामिल होने जा रहे थे, तभी उनकी कार को रोककर उस पर अंडे, पत्थर और अन्य वस्तुएं फेंकी गईं। घटना में कार के शीशे टूटने का भी दावा किया गया।
इस घटना को लेकर तृणमूल कांग्रेस की ओर से बीजेपी कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाए गए थे। हालांकि, बीजेपी ने इन आरोपों से इनकार किया और स्थानीय बीजेपी नेता ने घटना को लोगों की प्रतिक्रिया बताया। पुलिस ने उस समय हमले के लिए किसी पक्ष की जिम्मेदारी तय नहीं की थी।
बेलीघाटा में दूसरी घटना का दावा
इसके अगले दिन 27 सितंबर को कोलकाता के बेलीघाटा इलाके में कुणाल घोष ने खुद को फिर निशाना बनाए जाने का आरोप लगाया। उनके मुताबिक, मोटरसाइकिल सवार लोगों ने उनकी कार का पीछा किया और फुलबागान इलाके के पास वाहन को घेर लिया।
घोष ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने कार के शीशे तोड़ने की कोशिश की और हथौड़े का इस्तेमाल किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें कार से बाहर खींचने का प्रयास किया गया। पुलिस ने मामले की जांच के लिए CCTV फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटाने की बात कही है।
सुरक्षा को लेकर हाईकोर्ट से लगाई गुहार
लगातार दो घटनाओं के बाद कुणाल घोष ने अपनी सुरक्षा बढ़ाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। उनकी याचिका में पुलिस को सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है।
घटनाओं को लेकर तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं। बीजेपी ने अपने कार्यकर्ताओं के शामिल होने के आरोपों से इनकार किया है और इसे तृणमूल के अंदरूनी विवाद से जोड़कर देखा है। वहीं, कुणाल घोष ने हमलों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।