UP Expressway New Rules: 1 नवंबर से 5 एक्सप्रेसवे पर बदलेगी स्पीड लिमिट! रात में 60 की रफ्तार, कटेगा चालान?

उत्तर प्रदेश के पांच एक्सप्रेसवे पर 1 नवंबर से रात के समय वाहनों की गति सीमा में बदलाव किए जाने की खबर है. बताए जा रहे नियम के मुताबिक, रात में कारों की अधिकतम रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की जाएगी. ओवरस्पीडिंग करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ चालान की कार्रवाई हो सकती है. इस बदलाव का उद्देश्य रात में सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करना और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना बताया जा रहा है.
 

Uttar Pradesh:  उत्तर प्रदेश में सर्दियों के दौरान एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए अहम बदलाव होने जा रहा है। कोहरे और कम दृश्यता के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) पांच प्रमुख एक्सप्रेसवे पर शीतकालीन सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है। यह व्यवस्था 1 नवंबर 2026 से 15 फरवरी 2027 तक लागू रहेगी। इसके तहत कार, बस और ट्रक की अधिकतम गति सीमा में चरणबद्ध बदलाव किया जाएगा। निर्धारित सीमा से अधिक रफ्तार में वाहन चलाने पर चालान या अन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

इन 5 एक्सप्रेसवे पर लागू होगी नई व्यवस्था

यूपीडा की शीतकालीन सुरक्षा व्यवस्था आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गोरखपुर लिंक और गंगा एक्सप्रेसवे पर लागू करने की तैयारी है। इसका मुख्य उद्देश्य सर्दियों में घने कोहरे के दौरान वाहनों की गति नियंत्रित करना और हादसों का जोखिम कम करना है।

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक दिन की गति सीमा और रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक रात की गति सीमा लागू होगी। शुरुआती चरण 1 से 15 नवंबर तक रहेगा। इसके बाद 15 नवंबर से 15 फरवरी 2027 तक गति सीमा और कम कर दी जाएगी।

कार, बस और ट्रक की कितनी होगी स्पीड लिमिट?

शीतकालीन व्यवस्था में वाहन की श्रेणी और समय के अनुसार अधिकतम गति सीमा निर्धारित की गई है।

वाहन की श्रेणी 1–15 नवंबर, दिन 1–15 नवंबर, रात 15 नवंबर–15 फरवरी, दिन 15 नवंबर–15 फरवरी, रात
कार और हल्के वाहन 100 किमी/घंटा 80 किमी/घंटा 80 किमी/घंटा 60 किमी/घंटा
यात्री बसें 80 किमी/घंटा 60 किमी/घंटा 60 किमी/घंटा 50 किमी/घंटा
मालवाहक ट्रक 60 किमी/घंटा 50 किमी/घंटा 50 किमी/घंटा 40 किमी/घंटा

इसका मतलब है कि 15 नवंबर के बाद रात के समय कारों और हल्के वाहनों की अधिकतम गति सीमा 60 किलोमीटर प्रति घंटा, बसों की 50 किलोमीटर प्रति घंटा और मालवाहक ट्रकों की 40 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित होगी।

ये अधिकतम सीमाएं हैं। यदि कोहरा अधिक घना है या सड़क पर दृश्यता कम है, तो वाहन चालकों को परिस्थितियों के अनुसार और धीमी गति से चलना चाहिए।

ओवरस्पीडिंग करने पर होगी निगरानी, कट सकता है चालान

नई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए एक्सप्रेसवे पर एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) के माध्यम से वाहनों की रफ्तार पर नजर रखी जाएगी। निगरानी व्यवस्था को नई गति सीमाओं के अनुरूप अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं।

निर्धारित सीमा का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। टोल प्लाजा और एक्सप्रेसवे के प्रवेश तथा निकास बिंदुओं पर भी गति सीमा और सुरक्षा संबंधी जानकारी देने की व्यवस्था की जाएगी।

यूपीडा ने संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों को 31 अक्टूबर तक आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

50 मीटर से कम हुई विजिबिलिटी तो क्या होगा?

सर्दियों में घने कोहरे के कारण कई बार सड़क पर कुछ दूरी तक देखना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में तेज रफ्तार से वाहन चलाना दुर्घटना का बड़ा कारण बन सकता है।

प्रस्तावित सुरक्षा व्यवस्था के तहत यदि दृश्यता 50 मीटर से कम हो जाती है, तो सुरक्षा दल पुलिस के समन्वय से वाहन चालकों को नजदीकी टोल प्लाजा, पेट्रोल पंप, रेस्तरां या अन्य सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने में मदद करेंगे। जरूरत पड़ने पर वाहनों को समूह में आगे बढ़ाने की व्यवस्था भी की जा सकती है।

इसके अलावा दुर्घटना संभावित स्थानों पर निगरानी बढ़ाने और फॉग पेट्रोलिंग टीमों को सक्रिय रखने पर जोर दिया जाएगा।

एंबुलेंस और पेट्रोलिंग टीमें रहेंगी अलर्ट

शीतकालीन सुरक्षा अभियान के तहत आपातकालीन सेवाओं को मजबूत बनाने की तैयारी है। एक्सप्रेसवे पर एंबुलेंस और गश्ती वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी संकेतक लगाए जाएंगे।

प्रवेश और निकास बिंदुओं पर फॉग लाइट तथा मोड़ों और नदी-नालों के आसपास रिफ्लेक्टर और ब्लिंकर जैसे सुरक्षा उपाय किए जाएंगे। इसका उद्देश्य कोहरे में वाहन चालकों को सड़क की स्थिति और संभावित खतरों के बारे में समय रहते संकेत देना है।

एक्सप्रेसवे पर निकलने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

सर्दियों में लंबी दूरी की यात्रा करने से पहले कुछ जरूरी सावधानियां बरतना बेहद महत्वपूर्ण है।

  • यात्रा से पहले मौसम और कोहरे की स्थिति की जानकारी लें।

  • निर्धारित गति सीमा का पालन करें और आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी रखें।

  • घने कोहरे में अचानक ब्रेक लगाने और ओवरटेक करने से बचें।

  • हेडलाइट, फॉग लाइट, ब्रेक और टायर की स्थिति जांच लें।

  • दृश्यता बहुत कम होने पर सुरक्षित स्थान पर रुकें और सड़क पर खड़े होकर जोखिम न लें।

  • आपात स्थिति में एक्सप्रेसवे हेल्पलाइन या पुलिस की सहायता लें।

कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश के पांच प्रमुख एक्सप्रेसवे पर प्रस्तावित शीतकालीन सुरक्षा व्यवस्था के तहत नवंबर से फरवरी तक वाहनों की गति सीमा चरणबद्ध तरीके से कम होगी। वाहन चालकों को यात्रा के दौरान निर्धारित गति सीमा के साथ-साथ कोहरे और दृश्यता की वास्तविक स्थिति का भी ध्यान रखना होगा।