UP Flood: यूपी में बाढ़ का विकराल रूप! 26 जिलों में 3.53 लाख लोग प्रभावित, आज फिर बारिश का अलर्ट
UP Flood: उत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है. राज्य के 26 जिलों में करीब 3.53 लाख लोग प्रभावित हैं. बलिया में स्थिति ज्यादा चिंताजनक है, जहां 48 गांव बाढ़ के पानी से प्रभावित बताए जा रहे हैं. लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है. मौसम विभाग ने आज भी कई इलाकों में बारिश का अलर्ट जारी किया है.
UP Flood: उत्तर प्रदेश में बाढ़ का संकट अभी खत्म नहीं हुआ है। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने प्रदेश के कई जिलों में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 26 जिलों में करीब 3.53 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। वहीं अब तक 17,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
गंगा-घाघरा उफान पर, बलिया के 48 गांव प्रभावित
पूर्वी उत्तर प्रदेश में बाढ़ का असर सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है। बलिया में गंगा और घाघरा दोनों नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। जिले के 48 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। निचले इलाकों में पानी पहुंचने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है।
बलिया के दियरांचल में स्थिति और चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों में घरों तक पानी पहुंच गया है। ग्रामीणों को मचान पर रात गुजारनी पड़ रही है, जबकि मवेशियों के चारे की समस्या भी गंभीर होती जा रही है।
17,500 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
प्रदेश में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू किया है। अब तक 17,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।
कई जिलों में राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां प्रभावित परिवारों को भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। राहत एवं बचाव दल नावों के जरिए भी प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंच रहे हैं।
वाराणसी में चेतावनी स्तर से ऊपर पहुंची गंगा
वाराणसी में गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर को पार कर चुका है। बढ़ते पानी का असर घाटों और निचले इलाकों में भी देखने को मिला। प्रयागराज में गंगा और यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद प्रशासन ने राहत शिविर और बाढ़ चौकियों को सक्रिय किया था।
हालांकि शनिवार को दोनों नदियों के जलस्तर में कुछ गिरावट दर्ज की गई, लेकिन निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
चित्रकूट में मंदाकिनी का उफान
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के बढ़ते जलस्तर ने भी लोगों की चिंता बढ़ाई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को चित्रकूट पहुंचकर बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने और प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने वाले हैं।
करीब 800 प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने की तैयारी की गई है।
आज फिर बारिश का अलर्ट, बढ़ सकती है परेशानी
बाढ़ के बीच मौसम विभाग ने 6 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। ऐसे में पहले से बाढ़ प्रभावित इलाकों में बारिश होने पर जलस्तर और जलभराव की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
बलिया समेत गंगा और घाघरा के किनारे बसे गांवों में प्रशासन लगातार जलस्तर और कटान पर नजर बनाए हुए है। नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बारिश और जलस्तर में संभावित बढ़ोतरी को लेकर बनी हुई है।
प्रशासन अलर्ट, राहत-बचाव अभियान जारी
बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत और बचाव दलों की तैनाती की गई है। नावों के जरिए लोगों और जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से बाढ़ के पानी और नदियों के पास जाने से बचने की अपील की है।
अधिकारियों ने लोगों से किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचना देने और अफवाहों से बचने की अपील की है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और उन्हें जरूरी राहत उपलब्ध कराने की है।