UP News: नोएडा एयरपोर्ट के लिए आज से सीधी बस सेवा शुरू, यूपी के 8 जिलों से मिलेगा डायरेक्ट कनेक्शन
नई व्यवस्था के तहत आगरा, फिरोजाबाद, हाथरस, मथुरा, अलीगढ़, एटा, कासगंज और लखनऊ से सीधे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक बसों का संचालन किया जाएगा। रोडवेज के अनुसार निर्धारित रूटों पर बसें करीब डेढ़ से दो घंटे के भीतर एयरपोर्ट तक पहुंचेंगी।
यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड पहले ही विभिन्न परिवहन एजेंसियों के साथ यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के लिए समझौते कर चुका है। इसी क्रम में यूपी रोडवेज और हरियाणा रोडवेज की बस सेवाओं को भी एयरपोर्ट से जोड़ा गया है।
हरियाणा से भी बढ़ेगी कनेक्टिविटी
हरियाणा रोडवेज की बसें पलवल, फरीदाबाद, गुरुग्राम और चंडीगढ़ से सीधे एयरपोर्ट तक यात्रियों को पहुंचाएंगी। वहीं दिल्ली के सराय काले खां, आनंद विहार और कश्मीरी गेट से भी सीधी बस सेवाएं शुरू करने की तैयारी चल रही है। इन रूटों की समय सारिणी तैयार कर ली गई है और जल्द संचालन शुरू होने की संभावना है।
उत्तराखंड से भी मिलेगी सीधी सुविधा
देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और हल्द्वानी को नोएडा एयरपोर्ट से जोड़ने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक इन शहरों के लिए भी जल्द सीधी बस सेवाएं शुरू की जाएंगी, जिससे उत्तराखंड के यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
मेट्रो और नमो भारत परियोजना को भी मिलेगी रफ्तार
एयरपोर्ट को क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क से जोड़ने के लिए गाजियाबाद से नमो भारत और मेट्रो कॉरिडोर की योजना भी प्रस्तावित है। लगभग 72 किलोमीटर लंबे इस रूट पर 22 स्टेशन बनाए जाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है। इसके अलावा गुरुग्राम को भी एयरपोर्ट से जोड़ने की योजना तैयार की जा रही है।
रेलवे स्टेशन से मिलेगा देशभर का कनेक्शन
भारतीय रेलवे चोला-रुंधी (पलवल) रेल लाइन परियोजना पर काम कर रहा है। एयरपोर्ट के पास बनने वाले रेलवे स्टेशन से यात्रियों को वंदे भारत, राजधानी और शताब्दी जैसी ट्रेनों का सीधा लाभ मिलेगा। इससे उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु समेत देश के कई हिस्सों तक यात्रा आसान हो जाएगी।
बोड़ाकी में बनेगा देश का सबसे बड़ा ट्रांसपोर्ट हब
ग्रेटर नोएडा के बोड़ाकी क्षेत्र में देश का सबसे बड़ा मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब विकसित किया जा रहा है। माना जा रहा है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट केवल गौतमबुद्ध नगर ही नहीं, बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार एयरपोर्ट परियोजना के कारण गौतमबुद्ध नगर, अलीगढ़, बुलंदशहर, गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 21 जिलों में निवेश और रोजगार के नए अवसर तेजी से बढ़ेंगे। अनुमान है कि आने वाले वर्षों में 70 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार का लाभ मिल सकता है। एयरपोर्ट के आसपास औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों में भी उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।