UP Politics: अखिलेश यादव का भाजपा पर तीखा हमला, बोले- लोकतंत्र बचाने की लड़ाई है 2027 का चुनाव
लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश की जनता बदलाव का मन बना चुकी है और वर्ष 2027 में भाजपा की विदाई तय है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है और जनहित के मुद्दों से ध्यान भटका रही है।
सपा प्रमुख ने कहा कि बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश में शिक्षा और तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के बजाय जांच एजेंसियों की संख्या बढ़ाई जा रही है।
उन्होंने पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) को समाजवादी पार्टी की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि भाजपा लगातार इस वर्ग के अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। आरक्षण, रोजगार और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने दावा किया कि पीडीए समाज के लोग अब पूरी तरह सपा के साथ खड़े हैं।
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी सरकार को निशाने पर लेते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। महिलाओं की सुरक्षा, किसानों की समस्याएं और युवाओं की बेरोजगारी आज सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को खाद, बीज और सिंचाई जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, जबकि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है।
अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं को अनुशासन और शालीनता के साथ जनता के बीच जाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक न्याय की राजनीति में विश्वास रखती है और इसी विचारधारा के दम पर 2027 में नई राजनीतिक दिशा तय करेगी।
बैठक में शिवपाल सिंह यादव, धर्मेंद्र यादव, आदित्य यादव, सलीम इकबाल शेरवानी और राजेंद्र चौधरी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।