UP Sugar Price: यूपी में चीनी ₹70 किलो! त्योहारों से पहले महंगाई का झटका, जानें अपने शहर का भाव

उत्तर प्रदेश में त्योहारों के बीच चीनी की कीमतों में तेजी से आम लोगों का बजट बिगड़ सकता है. बाजार रिपोर्ट के मुताबिक, मेरठ और गोरखपुर में फुटकर भाव 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं, जबकि लखनऊ में चीनी करीब 62 रुपये किलो बिक रही है. नई चीनी की आवक में देरी, पुराना स्टॉक घटने और गन्ने की रिकवरी प्रभावित होने को इसकी प्रमुख वजह बताया जा रहा है.
 

Uttar Pradesh:  त्योहारों के बीच उत्तर प्रदेश में चीनी की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बाजार में चीनी की सीमित उपलब्धता, पुराने स्टॉक में कमी और नई चीनी की आवक में देरी के कारण फुटकर कीमतें 62 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की खबर है। वहीं, लगातार बारिश के कारण गन्ने की गुणवत्ता और चीनी की रिकवरी प्रभावित होने से मिलों का पेराई सत्र भी देर से शुरू होने की आशंका जताई जा रही है।

ऐसे में त्योहारों के दौरान मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग के बीच चीनी की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।

मेरठ और गोरखपुर में ₹70 किलो तक पहुंचा भाव

बाजार से मिली जानकारी के मुताबिक, बीते 15 दिनों में प्रदेश के कई शहरों में चीनी के दाम में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। मेरठ और गोरखपुर में फुटकर भाव 70 रुपये प्रति किलो तक बताए जा रहे हैं। आगरा में कीमत 68 रुपये, जबकि कानपुर और वाराणसी में करीब 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।

लखनऊ में भी चीनी का भाव 50 रुपये से बढ़कर 62 रुपये प्रति किलो बताया गया है। हालांकि, अलग-अलग दुकानों, चीनी की गुणवत्ता और स्थानीय आपूर्ति के आधार पर वास्तविक कीमतों में अंतर हो सकता है।

थोक बाजार में भी बढ़ने लगे दाम

फुटकर बाजार के साथ-साथ थोक कारोबार में भी तेजी देखने को मिल रही है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले चार-पांच दिनों में मिलों से बिकने वाली चीनी के भाव में 300 से 400 रुपये प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी हुई है। फिलहाल थोक कीमत करीब 4,650 रुपये प्रति क्विंटल बताई जा रही है।

इससे पहले अगस्त के अंत में चीनी का थोक भाव लगभग 6,000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचने की बात सामने आई थी। सितंबर में कीमतों में गिरावट आई थी, लेकिन अब एक बार फिर बाजार में तेजी लौटने के संकेत मिल रहे हैं।

बारिश से गन्ने की रिकवरी प्रभावित, पेराई में देरी की आशंका

चीनी की कीमतों में तेजी की एक बड़ी वजह नई फसल से चीनी का उत्पादन शुरू होने में संभावित देरी भी है। लगातार बारिश के कारण गन्ने में अपेक्षित मिठास नहीं आने और चीनी की रिकवरी प्रभावित होने की बात कही जा रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, सामान्य तौर पर 15 अक्टूबर के आसपास शुरू होने वाला पेराई सत्र इस बार नवंबर तक खिसक सकता है। बरकातपुर चीनी मिल के संयुक्त अध्यक्ष नरपत सिंह के हवाले से बताया गया है कि बारिश से गन्ने की फसल प्रभावित हुई