UP Textile Conclave 2026: सीएम योगी ने गिनाई यूपी के वस्त्र उद्योग की प्राचीन विरासत, बोले- दुनिया तक पहुंचता था यहां का कपड़ा
UP News: राजधानी लखनऊ में UP Textile Conclave-2026 का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की प्राचीन वस्त्र परंपरा और वैश्विक व्यापार में इसकी ऐतिहासिक भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यूपी का वस्त्र उद्योग कोई नई पहचान नहीं है, बल्कि इसकी जड़ें हजारों वर्ष पुरानी भारतीय परंपरा में मिलती हैं।
सीएम योगी ने महाभारत काल का उदाहरण देते हुए कहा कि राजसूय यज्ञ के दौरान काशी के राजा की ओर से दिए गए उपहारों में सूती वस्त्रों का उल्लेख मिलता है। इससे पता चलता है कि उस समय भी काशी और व्यापक रूप से उत्तर प्रदेश में वस्त्र निर्माण की समृद्ध परंपरा मौजूद थी।
प्राचीन काल में विदेशों तक पहुंचता था यूपी का कपड़ा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में तैयार होने वाले वस्त्रों की मांग केवल देश के भीतर तक सीमित नहीं थी। प्राचीन रोमन और यूनानी सभ्यताओं के संदर्भों में भी यूपी में निर्मित वस्त्रों की पहुंच और मांग के संकेत मिलते हैं।
उन्होंने कहा कि इतिहास और प्राचीन ग्रंथों के अध्ययन से पता चलता है कि उत्तर प्रदेश में तैयार होने वाले वस्त्र उस दौर में भी दूसरे क्षेत्रों और देशों तक भेजे जाते थे। यानी यूपी का टेक्सटाइल उद्योग प्राचीन समय से ही व्यापक व्यापारिक संपर्क का हिस्सा रहा है।
पुरानी विरासत को आधुनिक उद्योग से जोड़ने पर जोर
सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश की इस ऐतिहासिक विरासत को आज के औद्योगिक विकास से जोड़ने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पारंपरिक वस्त्र, कारीगरी और स्थानीय उत्पादन को आधुनिक तकनीक, निवेश और वैश्विक बाजार से जोड़कर टेक्सटाइल सेक्टर को नई ऊंचाई दी जा सकती है।
UP Textile Conclave-2026 को इसी दिशा में महत्वपूर्ण मंच के तौर पर देखा जा रहा है, जहां प्रदेश के वस्त्र उद्योग की संभावनाओं, निवेश और रोजगार के अवसरों पर चर्चा हो रही है। मुख्यमंत्री ने यूपी की पुरानी पहचान को आधुनिक टेक्सटाइल उद्योग की ताकत बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया।