UPI Charges: अब किस Payment पर लगेगा चार्ज? ₹2000 के बाद क्या बदलेगा, समझें पूरा नियम
UPI Payment: UPI को लेकर आम लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अब डिजिटल पेमेंट करने पर चार्ज देना होगा? सरकार ने नए UPI फ्रेमवर्क को लेकर स्थिति साफ कर दी है। आम यूजर्स के लिए UPI पेमेंट पहले की तरह मुफ्त रहेगा। व्यक्ति से व्यक्ति यानी Person-to-Person (P2P) ट्रांजैक्शन पर किसी भी रकम के लिए कोई शुल्क नहीं लगेगा।
हालांकि, ₹2,000 से अधिक के कुछ Person-to-Merchant (P2M) ट्रांजैक्शन पर Merchant Discount Rate यानी MDR लागू होगा। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह MDR ग्राहक से नहीं लिया जाना है। बैंकों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है कि व्यापारी इसका बोझ ग्राहक पर न डालें। UPI ऐप प्रोवाइडर्स को भी प्लेटफॉर्म फीस या छिपे हुए शुल्क लगाने की अनुमति नहीं होगी।
आइए आसान सवाल-जवाब में समझते हैं कि नए UPI फ्रेमवर्क में क्या बदला है और किसे कितना शुल्क देना होगा।
क्या अब UPI से पैसे भेजने पर चार्ज लगेगा?
नहीं। अगर आप UPI के जरिए किसी दूसरे व्यक्ति को पैसे भेजते हैं, तो कोई चार्ज नहीं लगेगा। रकम कितनी भी हो, सभी Person-to-Person यानी P2P UPI ट्रांजैक्शन मुफ्त रहेंगे।
सरकार के अनुसार, P2P ट्रांजैक्शन UPI के कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू का करीब 70 फीसदी हिस्सा हैं। ये लेनदेन नए MDR फ्रेमवर्क से पूरी तरह बाहर रहेंगे।
P2P पेमेंट क्या होती है?
P2P यानी Person-to-Person पेमेंट का मतलब है एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को सीधे UPI के जरिए पैसे भेजना।
उदाहरण के लिए, अगर आप अपने दोस्त, परिवार के सदस्य या किसी अन्य व्यक्ति को UPI से पैसे भेजते हैं, तो इस पर MDR नहीं लगेगा।
₹2,000 तक के मर्चेंट पेमेंट पर क्या होगा?
₹2,000 तक के Person-to-Merchant (P2M) UPI पेमेंट पर MDR नहीं लगेगा।
यानी अगर आप किसी दुकान, रेस्टोरेंट या कारोबारी को ₹500, ₹1,500 या ₹2,000 का भुगतान करते हैं, तो इस फ्रेमवर्क के तहत MDR नहीं लगेगा। ग्राहक से भी कोई UPI चार्ज नहीं लिया जाएगा।
P2M पेमेंट क्या होती है?
जब आप किसी दुकानदार या कारोबारी को UPI से भुगतान करते हैं, तो उसे Person-to-Merchant यानी P2M ट्रांजैक्शन कहा जाता है।
मसलन:
- किराना दुकान पर UPI पेमेंट
- रेस्टोरेंट का बिल
- किसी दुकान से सामान खरीदना
- किसी कारोबारी को डिजिटल भुगतान
₹2,000 से ज्यादा के मर्चेंट पेमेंट पर कितना MDR लगेगा?
₹2,000 से अधिक के निर्धारित P2M ट्रांजैक्शन पर 0.4 फीसदी MDR लागू होगा। हालांकि, एक ट्रांजैक्शन पर MDR की अधिकतम सीमा ₹300 रखी गई है।
उदाहरण के तौर पर ₹10,000 के पात्र मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4 फीसदी के हिसाब से MDR ₹40 होगा। लेकिन यह राशि ग्राहक से अलग से नहीं ली जानी है।
MDR कौन देगा?
MDR यानी Merchant Discount Rate मर्चेंट पेमेंट इकोसिस्टम से जुड़ा शुल्क है। इसे ग्राहक पर डालने की अनुमति नहीं है।
सरकार के अनुसार MDR पेमेंट सिस्टम में शामिल अलग-अलग हिस्सेदारों, जैसे बैंक, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर और UPI एप्लिकेशन प्रोवाइडर के बीच साझा किया जाएगा।
सरकार ने बैंकों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी है कि मर्चेंट MDR का बोझ ग्राहक पर न डालें। UPI ऐप प्रोवाइडर्स को प्लेटफॉर्म फीस या छिपे हुए चार्ज लगाने से भी रोका गया है।
₹75,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर कितना MDR होगा?
यहां एक महत्वपूर्ण बात है। 0.4 फीसदी MDR के बावजूद ₹75,000 या उससे अधिक के ट्रांजैक्शन पर MDR अधिकतम ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन तक सीमित रहेगा।
उदाहरण के लिए, ₹1 लाख के पात्र मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4 फीसदी की गणना ₹400 बनती है, लेकिन लागू अधिकतम सीमा के कारण MDR ₹300 से अधिक नहीं होगा।
पेट्रोल, रेलवे और टेलीकॉम पेमेंट पर क्या नियम है?
कुछ जरूरी और कम मार्जिन वाले क्षेत्रों के लिए अलग व्यवस्था की गई है। ₹2,000 से अधिक के पात्र ट्रांजैक्शन पर ₹5 का फ्लैट MDR लागू होगा।
इस श्रेणी में शामिल हैं:
- रेलवे
- टेलीकॉम
- बीमा
- ईंधन यानी पेट्रोल-डीजल
- कृषि इनपुट
यहां भी ग्राहक से यह ₹5 अलग से वसूलने की व्यवस्था नहीं है।
शेयर और म्यूचुअल फंड के UPI पेमेंट पर कितना MDR?
कैपिटल मार्केट से जुड़े कुछ पेमेंट के लिए अलग दर तय की गई है। म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज, स्टॉक ब्रोकर और डीलर से संबंधित भुगतान पर 0.02 फीसदी MDR लागू होगा।
इसकी अधिकतम सीमा भी ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन रखी गई है।
क्या छोटे दुकानदारों पर भी MDR लगेगा?
ज्यादातर छोटे कारोबारी इस व्यवस्था से बाहर रहेंगे।
सरकार के अनुसार, Person-to-Person-Merchant (P2PM) श्रेणी में आने वाले छोटे व्यापारी, स्ट्रीट वेंडर और मोहल्ले की दुकानों को UPI QR के जरिए हर महीने ₹1 लाख तक भुगतान प्राप्त करने पर जीरो MDR की सुविधा जारी रहेगी।
इसका उद्देश्य छोटे कारोबारियों पर डिजिटल पेमेंट की अतिरिक्त लागत नहीं डालना है।
क्या UPI इस्तेमाल करने की कोई मासिक सीमा होगी?
नहीं। आम लोगों के लिए मुफ्त UPI इस्तेमाल पर कोई मासिक कोटा या मुफ्त ट्रांजैक्शन की संख्या की सीमा तय नहीं की गई है।
हालांकि, बैंकों और NPCI की ओर से अलग-अलग ट्रांजैक्शन कैटेगरी के लिए दैनिक सीमा हो सकती है। ये सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन से जुड़ी सीमाएं हैं, चार्ज लगाने की सीमा नहीं।
कितने मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR लगेगा?
सरकार के आंकड़ों के अनुसार, MDR केवल करीब 4 फीसदी मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लागू होगा। यानी करीब 96 फीसदी P2M ट्रांजैक्शन प्रभावित नहीं होंगे।
इनमें ₹2,000 तक के भुगतान और छोटे व्यापारियों के लिए जीरो-MDR व्यवस्था के तहत आने वाले ट्रांजैक्शन शामिल हैं।
लोग UPI चार्ज को लेकर चिंतित क्यों हैं?
UPI लंबे समय से आम लोगों के लिए मुफ्त डिजिटल पेमेंट का माध्यम रहा है। ऐसे में बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR लागू होने की घोषणा के बाद यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि कहीं व्यापारी इसकी लागत ग्राहकों से वसूलने की कोशिश न करें।
सरकार ने इस संभावना को देखते हुए स्पष्ट किया है कि MDR ग्राहक पर नहीं डाला जाना चाहिए। बैंकों को इसकी निगरानी करने की सलाह दी गई है और UPI ऐप कंपनियों को प्लेटफॉर्म फीस या छिपे हुए चार्ज लगाने से प्रतिबंधित किया गया है।
MDR से मिलने वाले पैसे का क्या होगा?
सरकार के मुताबिक MDR से मिलने वाली रकम पेमेंट इकोसिस्टम के विभिन्न हिस्सेदारों के बीच साझा की जाएगी। इसका उद्देश्य UPI के संचालन और उसके विस्तार के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को सपोर्ट करना है।
इसके अलावा, कुल MDR कलेक्शन का 5 फीसदी एक समर्पित फंड में जाएगा, जिसका इस्तेमाल छोटे कारोबारियों के बीच UPI को बढ़ावा देने और अधिक दुकानों को डिजिटल पेमेंट सिस्टम से जोड़ने के लिए किया जाएगा।
आसान भाषा में समझें UPI के नए नियम
| ट्रांजैक्शन | MDR/चार्ज |
|---|---|
| व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) | पूरी तरह फ्री |
| मर्चेंट को ₹2,000 तक भुगतान | MDR नहीं |
| ₹2,000 से ज्यादा सामान्य P2M | 0.4% MDR |
| ₹75,000 या उससे अधिक | अधिकतम ₹300 MDR |
| रेलवे, टेलीकॉम, बीमा, ईंधन, कृषि इनपुट | ₹2,000 से ऊपर ₹5 फ्लैट MDR |
| म्यूचुअल फंड/सिक्योरिटीज/ब्रोकर | 0.02%, अधिकतम ₹300 |
| छोटे P2PM मर्चेंट, ₹1 लाख/माह तक | जीरो MDR |
| ग्राहक से सीधे UPI चार्ज | नहीं |
UPI यूजर्स के लिए सबसे जरूरी बात
नए फ्रेमवर्क का मतलब यह नहीं है कि अब आम लोगों को हर UPI पेमेंट पर पैसे देने होंगे। व्यक्ति से व्यक्ति सभी UPI भुगतान मुफ्त रहेंगे और ₹2,000 तक के मर्चेंट भुगतान पर भी MDR नहीं लगेगा।
बड़े और निर्धारित मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR लागू होगा, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस शुल्क का बोझ ग्राहक पर नहीं डाला जाना है। सरकार के मुताबिक नए फ्रेमवर्क का उद्देश्य UPI को लंबे समय तक टिकाऊ बनाना और पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है।