रक्षाबंधन पर सीएम योगी से मिलीं यूपी की बेटियां, खुलकर किया संवाद; स्मार्टफोन से दूरी और किताबों से दोस्ती की दी सीख

 

 

UP News: रक्षाबंधन के मौके पर उत्तर प्रदेश की स्कूली छात्राओं के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात का अवसर खास बन गया। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं ने योगी आदित्यनाथ को राखी बांधी और उनसे सीधे संवाद किया। किसी ने अपनी पढ़ाई और खेल से जुड़े अनुभव साझा किए तो किसी ने भविष्य को लेकर सवाल पूछे। मुख्यमंत्री ने भी बच्चियों की बातें ध्यान से सुनीं और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने मुख्यमंत्री को तिलक लगाकर राखी बांधी। इसके बदले सीएम योगी ने उन्हें चॉकलेट और ओडीओपी बैग उपहार में दिए। एक छात्रा के आग्रह पर उन्होंने उसकी पॉकेट डायरी पर संदेश भी लिखा। कार्यक्रम में प्रदेश के सभी 75 जिलों की छात्राओं की वीडियो क्लिप भी दिखाई गई, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।

बेटियों के आत्मविश्वास को बताया बदलते यूपी की तस्वीर

छात्राओं के साथ बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज बेटियां बिना किसी डर के मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर उनसे सवाल कर रही हैं और अपने अनुभव साझा कर रही हैं। उन्होंने इसे प्रदेश में आए बदलाव का उदाहरण बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले कई अभिभावक बेटियों को स्कूल भेजने को लेकर चिंतित रहते थे। कई बार सुरक्षा की वजह से बेटियों की पढ़ाई रोकनी पड़ती थी या उन्हें दूसरे स्थानों के हॉस्टल में भेजना पड़ता था। उनके मुताबिक अब बेटियां सुरक्षित माहौल में शिक्षा हासिल कर रही हैं और हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।

जन्म से पढ़ाई तक बेटियों के लिए योजनाओं का जिक्र

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में बेटियों के लिए जन्म से लेकर स्नातक स्तर तक अलग-अलग योजनाओं के जरिए सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, छात्रवृत्ति और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार बेटियों की शिक्षा और स्वावलंबन को प्राथमिकता दे रही है।

उन्होंने बताया कि मेधावी छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए स्नातक स्तर की 50 हजार छात्राओं को स्कूटी देने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।

पुलिस में महिला कर्मियों की संख्या बढ़ने का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। उनके अनुसार 2017 से पहले उत्तर प्रदेश पुलिस में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या करीब 10 हजार थी, जो अब बढ़कर लगभग 45 हजार हो गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द यह संख्या 50 हजार तक पहुंच जाएगी।

छात्राओं ने साझा किए सपने और अनुभव

कार्यक्रम में कई छात्राओं ने मुख्यमंत्री के सामने अपने अनुभव साझा किए। पायनियर मॉन्टेसरी इंटर कॉलेज की छात्रा समृद्धि वर्मा ने कहा कि वह मुख्यमंत्री को अब तक टीवी पर देखती थी और उनसे आमने-सामने मिलना उसके लिए बेहद खास अनुभव रहा।

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय मलिहाबाद की छात्रा वैष्णवी पाल ने मुख्यमंत्री से कहा कि उन्हें देखकर उसके मन में भी नेता बनने की इच्छा हुई। हॉकी में राष्ट्रीय स्तर पर चयनित वैष्णवी ने अपने स्कूल से मिलने वाली सुविधाओं और शिक्षकों के सहयोग के बारे में भी बताया।

इसी विद्यालय की छात्रा दिव्या ने स्कूल में कक्षा 9 से 12वीं तक पढ़ाई की सुविधा मिलने पर खुशी जताई। वहीं अंजावती सिंह ने हॉकी और कराटे में अपनी उपलब्धियों के बारे में मुख्यमंत्री को बताया।

सोशल मीडिया को लेकर छात्रा ने पूछा सवाल

कार्यक्रम के दौरान द संस्कृति स्कूल लखनऊ की छात्रा श्रेयशी सिंह ने मुख्यमंत्री से सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल और इसके कारण पढ़ाई पर पड़ने वाले असर को लेकर सवाल किया। छात्रा ने पूछा कि सोशल मीडिया पर मौजूद नकारात्मक सामग्री से बचते हुए विद्यार्थी अपने लक्ष्य पर ध्यान कैसे केंद्रित रखें।

इस पर मुख्यमंत्री ने बच्चों को तकनीक का इस्तेमाल जरूरत के हिसाब से करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि स्मार्टफोन पढ़ाई, डिजिटल लाइब्रेरी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उपयोगी है, लेकिन अनावश्यक कंटेंट देखने में समय बर्बाद करने से बचना चाहिए।

सीएम ने बच्चों को किताबें पढ़ने की सलाह दी

योगी आदित्यनाथ ने बच्चों से स्मार्टफोन पर अनावश्यक समय कम करने और अच्छी किताबें पढ़ने की आदत विकसित करने को कहा। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम के अलावा प्रेरणादायक पुस्तकें पढ़ने से ज्ञान और व्यक्तित्व दोनों का विकास होता है।

मुख्यमंत्री ने अपने बारे में बताते हुए कहा कि वह भी स्मार्टफोन का इस्तेमाल बहुत सीमित समय के लिए करते हैं और मुख्य रूप से जरूरी सरकारी विषयों से जुड़े काम के लिए ही फोन का उपयोग करते हैं।

‘25 करोड़ की आबादी यूपी की ताकत’

एक छात्रा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि देश के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य को संभालने की चुनौती से वह कैसे निपटते हैं। जवाब में सीएम योगी ने कहा कि 25 करोड़ से अधिक आबादी उनके लिए चुनौती नहीं, बल्कि प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत और संभावना है।

उन्होंने कहा कि युवाओं की स्किलिंग, रोजगार और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए बड़ी आबादी को डेमोग्राफिक डिविडेंड में बदला जा सकता है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश अब पिछड़े राज्य की छवि से बाहर निकलकर देश की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है।

निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए अटल आवासीय विद्यालय

मुख्यमंत्री ने अटल आवासीय विद्यालयों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि निर्माण श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए प्रदेश में 18 अटल आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इन स्कूलों में बच्चों को शिक्षा के साथ अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं की सहज बातचीत, सवालों और मुख्यमंत्री के साथ तस्वीरें खिंचवाने की उत्सुकता ने माहौल को आत्मीय बना दिया। रक्षाबंधन के इस आयोजन में जहां भाई-बहन के रिश्ते की भावनात्मक झलक दिखी, वहीं बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं पर भी चर्चा हुई।