नीला ड्रम हत्याकांड में आज फैसला! साहिल-मुस्कान को क्या मिलेगी फांसी? सौरभ के परिवार की मांग

नीला ड्रम हत्याकांड में आज फैसले पर सबकी नजरें टिकी हैं. आरोपी साहिल और मुस्कान की सजा को लेकर सौरभ के परिवार ने फांसी देने की मांग की है. परिवार को इस मामले में कड़ी सजा और न्याय की उम्मीद है। अब सबकी निगाहें अदालत के फैसले पर हैं...
 

Meerut:  मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में अब सजा तय होने की घड़ी करीब है। सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी करार दिए गए साहिल शुक्ला और मुस्कान की सजा को लेकर बुधवार को अदालत में सुनवाई होनी है। सौरभ के परिजनों ने दोनों दोषियों के लिए फांसी की मांग की है। इस मामले में अब सबकी नजरें अदालत की कार्यवाही पर टिकी हैं।

जेल में बंद दोनों दोषियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के सामने पेश किए जाने की बात कही गई है। जिस हत्याकांड ने देशभर में सनसनी फैला दी थी, उसमें दोषसिद्धि के बाद अब सजा के सवाल पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

प्रेम विवाह, रिश्तों में दरार और फिर खौफनाक वारदात

सौरभ राजपूत और मुस्कान ने वर्ष 2016 में प्रेम विवाह किया था। दोनों की एक बेटी पीहू भी है। वर्ष 2019 में रिश्तों में तनाव आने के बाद दोनों अलग रहने लगे। इसी दौरान मुस्कान की मुलाकात अपने स्कूल के समय के परिचित साहिल शुक्ला से हुई।

बाद में परिवार के हस्तक्षेप से सौरभ और मुस्कान के बीच सुलह हुई और दोनों फिर साथ रहने लगे। कुछ समय बाद सौरभ काम के सिलसिले में लंदन चला गया। किसी को अंदाजा नहीं था कि आगे चलकर यह पारिवारिक कहानी एक ऐसे हत्याकांड में बदल जाएगी, जिसकी चर्चा देशभर में होगी।

लंदन से वापसी के कुछ दिन बाद सौरभ की हत्या

जानकारी के मुताबिक, सौरभ 24 फरवरी 2025 को लंदन से भारत लौटा था। आरोपों के अनुसार, 3 मार्च की रात उसकी हत्या कर दी गई। जांच में सामने आया कि हत्या के बाद शव के टुकड़े किए गए और उन्हें एक नीले ड्रम में रखकर सीमेंट से बंद कर दिया गया।

बताया गया कि वारदात के बाद साहिल और मुस्कान हिमाचल प्रदेश घूमने चले गए थे। इसी बीच मामले की जानकारी सामने आने पर पुलिस ने जांच तेज की और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं।

18 मार्च को सामने आया था हत्याकांड

17 मार्च को दोनों के लौटने के बाद 18 मार्च 2025 को इस मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने 19 मार्च को साहिल शुक्ला और मुस्कान को गिरफ्तार कर लिया था। जांच के बाद पुलिस ने अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया और मुकदमे की सुनवाई के दौरान साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।

इस मामले ने न केवल मेरठ, बल्कि पूरे देश में लोगों को झकझोर दिया था। नीले ड्रम में शव छिपाने की घटना के कारण यह हत्याकांड लंबे समय तक सुर्खियों में रहा।

30 सितंबर को अदालत ने सुनाया था दोषसिद्धि का फैसला

मामले की सुनवाई और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने 30 सितंबर को साहिल और मुस्कान को दोषी करार दिया था। अब अगला महत्वपूर्ण चरण सजा निर्धारित करने का है। बुधवार को इसी बिंदु पर सुनवाई प्रस्तावित है।

सजा पर सुनवाई के दौरान अदालत मामले के कानूनी पहलुओं पर विचार करेगी। हालांकि, अंतिम सजा क्या होगी, इसका फैसला अदालत ही करेगी।

मां और भाई की मांग—दोनों को मिले मृत्युदंड

सौरभ राजपूत की मां और भाई ने दोनों दोषियों के लिए फांसी की मांग की है। परिवार का कहना है कि इस जघन्य अपराध के लिए कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। अब परिजन अदालत के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

इस बहुचर्चित मामले में दोषसिद्धि के बाद अब सजा पर होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सौरभ के परिवार की निगाहें अदालत पर हैं और यह देखना अहम होगा कि न्यायालय दोनों दोषियों के लिए क्या सजा निर्धारित करता है।