गोरखपुर में दरोगा की पिटाई का वायरल वीडियो निकला फर्जी, पुलिसकर्मी और अधिवक्ता दोनों नकली; 2 हिरासत में
UP News: सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो ने गोरखपुर पुलिस में हलचल मचा दी। वीडियो में सड़क पर एक युवक को वर्दी पहने बाइक सवार व्यक्ति के साथ मारपीट करते देखा गया था। दावा किया जा रहा था कि शाहपुर इलाके में एक पुलिसकर्मी और अधिवक्ता के बीच विवाद के बाद मारपीट हुई। हालांकि, पुलिस की जांच में पूरी कहानी ही फर्जी निकली।
पुलिस के मुताबिक, वीडियो में नजर आ रहे न तो वर्दीधारी व्यक्ति पुलिसकर्मी हैं और न ही दूसरा युवक अधिवक्ता है। सोशल मीडिया पर लाइक और व्यूज बढ़ाने के लिए कथित तौर पर इस पूरे घटनाक्रम को जानबूझकर शूट किया गया था। मामले में पुलिस ने दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
सड़क पर मारपीट का वीडियो हुआ था वायरल
वायरल वीडियो में सफेद शर्ट और काली सदरी पहने एक युवक बाइक सवार वर्दीधारी व्यक्ति को सड़क पर रोकता नजर आता है। इसके बाद दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो जाती है।
वीडियो में युवक वर्दी पहने व्यक्ति से अपने पिता को थाने ले जाने का कारण पूछता है। बातचीत के दौरान दोनों के बीच विवाद बढ़ता है और देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच जाता है।
कुछ ही देर बाद युवक वर्दीधारी व्यक्ति के साथ मारपीट करता दिखाई देता है। वह जूते से भी उसकी पिटाई करता है। आसपास मौजूद लोग बीच-बचाव करते नजर आते हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर होने लगा।
जांच में खुली वायरल वीडियो की पोल
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि वायरल वीडियो में दिखाए गए दोनों किरदार असली पुलिसकर्मी और अधिवक्ता नहीं हैं।
एसपी सिटी निमिष पाटील के मुताबिक, वीडियो में पुलिस की वर्दी पहने व्यक्ति का पुलिस विभाग से कोई संबंध नहीं है। वहीं, अधिवक्ता के तौर पर दिखाई दे रहा युवक भी फर्जी पाया गया है।
लाइक-व्यूज के लिए बनाया गया वीडियो
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार यह पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के उद्देश्य से बनाया गया था। वीडियो को इस तरह शूट किया गया कि देखने वालों को घटना वास्तविक लगे।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वीडियो बनाने की पूरी योजना किस तरह तैयार की गई और इसे सोशल मीडिया पर किस उद्देश्य से प्रसारित किया गया।
दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ
पुलिस ने मामले में रविवार शाम दो युवकों को हिरासत में लिया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। शाहपुर थाने में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
पुलिस वीडियो के निर्माण, शूटिंग और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
फर्जी वीडियो बनाने वालों पर होगी कार्रवाई
एसपी सिटी ने कहा कि सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी के आधार पर अफवाह फैलाने या झूठे वीडियो तैयार कर उन्हें वायरल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने लोगों से भी सोशल मीडिया पर सामने आने वाले वीडियो को बिना सत्यापन के सही मानकर शेयर नहीं करने की अपील की है। वायरल वीडियो की वास्तविकता सामने आने के बाद अब पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि इसे बनाने और फैलाने में कौन-कौन लोग शामिल थे।