वोट चोर... SIR के बाद अब मनरेगा को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरेगी कांग्रेस...
National Politics: कांग्रेस आज देशभर में ‘MGNREGA बचाओ आंदोलन’ (Save MGNREGA Movement) शुरू कर रही है, जिसका मकसद केंद्र सरकार द्वारा पारित किए गए VB-G RAM G Act के खिलाफ विरोध करना है, जिसे कांग्रेस और विपक्षी दल मिलकर मानते हैं कि यह MGNREGA के अधिकार-आधारित स्वरूप को कमजोर कर रहा है. इस आंदोलन का औपचारिक आगाज असम और जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों से आज किया जा रहा है, और यह अभियान लगभग 45 दिनों तक चलेगा, जिसमें हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक शामिल होंगे.
कांग्रेस का दावा है कि VB-G RAM G Act, जिसे केंद्र सरकार ने “Viksit Bharat–Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin) Act, 2025” के नाम से पेश किया, मूल MGNREGA का मूल अधिकार-आधारित स्वरूप बदल देता है और इसे एक ऐसे कार्यक्रम में बदल देता है जिसमें रोजगार की गारंटी को कमज़ोर किया जा रहा है. पार्टी का कहना है कि यह क़दम ग्रामीण गरीबों के लिए सुरक्षा और रोजगार के अधिकार को छीनने जैसा है. इसके विरोध में कांग्रेस ने आज से देश भर में ग्राम स्तर से लेकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक विरोध और जनसंपर्क कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू कर दी है.
आज सुबह अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के नेतृत्व में जम्मू में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ की शुरुआत हुई, जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डा. सैयद नसीर हुसैन और जेकेपीसीसी अध्यक्ष तारिक हमीद मौजूद रहे. इस अभियान के ज़रिये पार्टी ग्रामीण इलाकों में MGNREGA के महत्व और VB-G RAM G के खिलाफ चेतना फैलाएगी, और लोगों को इसके कथित नुकसान के बारे में जागरूक करेगी.
असम के गुवाहाटी में भी कांग्रेस आज से इसी आंदोलन को व्यापक स्तर पर शुरू कर रही है. पार्टी कार्यकर्ताओं ने कहा है कि वे नए कानून को वापस लेने और MGNREGA को फिर से अधिकार-आधारित स्वरूप में लाने की मांग करेंगे. कांग्रेस नेताओं का यह भी कहना है कि वे Gram Sabhas और सार्वजनिक बैठकों में बीजेपी सरकार के फैसले के खिलाफ आवाज़ उठाएंगे और ग्रामीणों के बीच इसके प्रभावों को विस्तार से बताएंगे.
कांग्रेस का आंदोलन तीन चरणों में विभाजित होगा-पहले चरण में ग्रामीण क्षेत्रों और ग्राम पंचायतों में पहुंचेगा, दूसरे चरण में जिला-स्तर के धरने, रैलियाँ और पंचायत-स्तरीय बैठकों का आयोजन होगा, और तीसरे चरण में बड़े पैमाने पर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन शामिल है. इस आंदोलन में विपक्षी दलों, किसान समूहों और अन्य सामाजिक संगठनों को भी समर्थन देने के लिए आमंत्रित किया गया है.
पार्टी के वरिष्ठ नेता यह भी आरोप लगा रहे हैं कि MGNREGA, जो दो दशकों से ग्रामीण गरीबों के लिए रोजगार सुरक्षा का अधिकार सुनिश्चित करती रही है, अब बदल दी गई है और यह बदलाव सीधे उनके अधिकारों को कम करता है. कांग्रेस का कहना है कि VB-G RAM G Act केंद्र-राज्य वित्तीय हिस्सेदारी को बदलता है और रोजगार की गारंटी को बजट-अनुमति पर निर्भर बनाता है, जो मूल अधिकार को समाप्त कर देता है.
वहीं दूसरी ओर, केंद्र सरकार और उसके समर्थक यह तर्क दे रहे हैं कि नया एक्ट रोजगार अवसरों और ग्रामीण विकास को मजबूत करेगा और इसे “भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन” से मुक्त करने का प्रयास है, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी इसे निवर्तमान ग्रामीण रोजगार कानून के अधिकारों पर हमला मानते हैं और आज से प्रारंभ होने वाला आंदोलन इसी विरोध का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष रूप है.