West Bengal Rajya Sabha By-Election: एक सीट पर उपचुनाव का ऐलान! 16 अक्टूबर को होगी वोटिंग

Kolkata: पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की एक रिक्त सीट पर उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है. निर्वाचन आयोग के मुताबिक 16 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा और इसी दिन मतगणना भी की जाएगी. सीट इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थी. चुनाव के लिए अधिसूचना 29 सितंबर को जारी होगी, जबकि नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर निर्धारित है...
 

Kolkata:  भारत निर्वाचन आयोग ने 2026 में होने वाले राज्यसभा चुनावों का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके तहत उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की एक राज्यसभा सीट के लिए चुनाव होंगे। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल की एक रिक्त राज्यसभा सीट पर उपचुनाव कराया जाएगा। तीनों राज्यों में मतदान 16 अक्टूबर 2026 को होगा।

पश्चिम बंगाल की सीट राज्यसभा सदस्य रुक्मिणी मलिक के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई है। उन्होंने 16 जुलाई 2026 को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया था। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, रुक्मिणी मलिक कोयल मलिक के नाम से भी जानी जाती हैं और उन्होंने अप्रैल 2026 में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली थी।

16 अक्टूबर को होगा मतदान

निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार पश्चिम बंगाल की रिक्त सीट पर उपचुनाव के लिए 16 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा। इसी दिन मतगणना भी होगी। राज्यसभा सदस्यों का चुनाव संबंधित राज्य की विधानसभा के निर्वाचित सदस्य करते हैं। यह चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत सिंगल ट्रांसफरेबल वोट के जरिए होता है।

उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की एक राज्यसभा सीट के लिए भी इसी दिन मतदान निर्धारित किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार उत्तर प्रदेश में एक सीट समय से पहले रिक्त हुई है, जबकि अन्य सीटों के कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त हो रहे हैं।

29 सितंबर को जारी होगी अधिसूचना

चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक नामांकन प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू होगी। उम्मीदवारों के नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर होगी। नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को और नाम वापसी की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर निर्धारित की गई है।

इसके बाद 16 अक्टूबर को मतदान होगा और मतगणना भी उसी दिन कराई जाएगी। चुनाव प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी की जाएगी।

रुक्मिणी मलिक के इस्तीफे से खाली हुई सीट

पश्चिम बंगाल की राज्यसभा सीट रुक्मिणी मलिक के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई। उन्होंने 16 जुलाई को अपना इस्तीफा दिया था। अप्रैल में राज्यसभा के लिए शपथ लेने वाले नए सदस्यों में रुक्मिणी मलिक का नाम भी शामिल था।

उनके इस्तीफे के बाद अब इस सीट को भरने के लिए उपचुनाव कराया जा रहा है।

बैलेट पेपर को लेकर आयोग के निर्देश

राज्यसभा चुनाव में मतपत्र पर उम्मीदवारों के लिए वरीयता अंकित करने की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार होगी। निर्वाचन आयोग चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति भी करता है। राज्यसभा चुनाव में मतदान विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों द्वारा किया जाता है।

बंगाल में विधानसभा के गणित पर रहेगी नजर

पश्चिम बंगाल की इस सीट के उपचुनाव में विधानसभा का मौजूदा संख्याबल महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि राज्यसभा चुनाव में विधायक ही निर्वाचक मंडल का हिस्सा होते हैं। हालांकि उम्मीदवारों और विभिन्न दलों की ओर से आधिकारिक रणनीति सामने आने के बाद ही मुकाबले की तस्वीर स्पष्ट होगी।

राज्यसभा चुनाव में किसी उम्मीदवार के निर्वाचित होने के लिए आवश्यक वोटों की संख्या चुनाव में उम्मीदवारों और उपलब्ध सीटों के आधार पर निर्धारित होती है। इसलिए अलग-अलग दलों के मौजूदा विधायक संख्या के आधार पर संभावित परिणाम को अंतिम रूप से बताना उम्मीदवारों की स्थिति और आधिकारिक नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उचित होगा।

एक सीट, कई राजनीतिक समीकरण

पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की इस रिक्त सीट का उपचुनाव विधानसभा के मौजूदा राजनीतिक समीकरणों के बीच होगा। ऐसे में नामांकन शुरू होने के साथ ही उम्मीदवारों के चयन, दलों की रणनीति और समर्थन जुटाने को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

अब नजर 29 सितंबर से शुरू होने वाली नामांकन प्रक्रिया और 16 अक्टूबर के मतदान पर रहेगी।