बाढ़ और महंगाई के बीच PM मोदी के जन्मदिन पर जश्न क्यों? कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना
UP News: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रमों को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन और पूर्व मंत्री डॉ. सीपी राय ने आरोप लगाया कि देश के कई हिस्सों में बाढ़ और अन्य समस्याओं के बीच भाजपा सरकार बड़े स्तर पर जन्मदिन समारोह आयोजित कर रही है।
डॉ. सीपी राय ने कहा कि उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, अमरोहा, गाजीपुर, गोंडा, बलिया, लखीमपुर, वाराणसी, प्रयागराज, मिर्जापुर, रामपुर और मुरादाबाद समेत कई जिलों में बाढ़ से जनजीवन प्रभावित है। उनके मुताबिक ऐसे समय में सरकार को राहत और बचाव पर प्राथमिकता देनी चाहिए।
‘जश्न की जगह बाढ़ पीड़ितों पर ध्यान दे सरकार’
कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर देशभर में कई दिनों तक कार्यक्रम आयोजित कर रही है। उनके मुताबिक दिल्ली से लेकर अलग-अलग राज्यों में दीपोत्सव, बाइक रैलियां और ‘सेवा दिवस’ जैसे कार्यक्रम किए जा रहे हैं।
डॉ. राय ने मणिपुर की स्थिति, बाढ़ और महंगाई का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि ऐसे समय में बड़े पैमाने पर जश्न मनाने का औचित्य क्या है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मानना है कि सरकार की प्राथमिकता जनता की सुरक्षा, राहत और न्याय होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब लोग बाढ़ से प्रभावित हैं और कई परिवारों के सामने रोजमर्रा की मुश्किलें हैं, तब जन्मदिन समारोहों पर खर्च करने के बजाय राहत कार्यों पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
‘मणिपुर, बाढ़ और महंगाई पर सरकार ध्यान दे’
डॉ. सीपी राय ने मणिपुर में जारी स्थिति का भी उल्लेख किया और दावा किया कि वहां लोग अब भी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश में जहरीली शराब से हुई मौतों का जिक्र करते हुए सरकार से ऐसे मामलों में कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस नेता ने कहा कि महंगाई से आम लोगों, मजदूरों, छात्रों और छोटे कारोबारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से महंगाई पर नियंत्रण और प्रभावित लोगों को राहत देने की मांग की।
UPI को लेकर भी कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस ने डिजिटल भुगतान व्यवस्था UPI को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। डॉ. राय ने आरोप लगाया कि सरकार ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के बाद अब इस व्यवस्था को महंगा बनाने की दिशा में कदम उठाया है।
उन्होंने दावा किया कि ₹2,000 से अधिक के व्यापारी लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत MDR लगाए जाने की तैयारी या व्यवस्था से छोटे कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। हालांकि, 17 सितंबर 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक NPCI स्रोतों में इस तरह के नए 0.4 प्रतिशत UPI MDR की पुष्टि नहीं मिली है। NPCI के मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक अगस्त 2026 में UPI पर 24,508.96 मिलियन यानी करीब 2,450.9 करोड़ लेन-देन हुए, जिनका कुल मूल्य करीब ₹29.82 लाख करोड़ रहा।
NPCI की मौजूदा जानकारी में UPI को तत्काल बैंक-टू-बैंक भुगतान प्रणाली बताया गया है।
व्यापारियों के हित में कदम उठाने की मांग
कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि व्यापारिक डिजिटल लेन-देन पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाता है तो इसका असर छोटे दुकानदारों और कारोबारियों पर पड़ सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करने और व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ नहीं डालने की मांग की।
डॉ. सीपी राय ने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाए, मणिपुर में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करे, जहरीली शराब के मामलों में कार्रवाई करे और महंगाई को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए।