बेटियों की शादी में आर्थिक मददगार बनी योगी सरकार, UP में 30,466 परिवारों को मिला 60.93 करोड़ का अनुदान

 

UP News: आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेटी की शादी का खर्च बड़ी चिंता होता है। ऐसे परिवारों को राहत देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की शादी अनुदान योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 30 हजार से अधिक लाभार्थियों को आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। योजना के तहत पात्र परिवारों को बेटी के विवाह के लिए सीधे बैंक खाते में राशि भेजी जा रही है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 96,956 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 12,855 आवेदन निरस्त किए गए हैं। वहीं 30,466 लाभार्थियों को कुल 60.93 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

1.05 लाख परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य

शादी अनुदान योजना के तहत सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1 लाख 5 हजार पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए 210 करोड़ रुपये का वार्षिक प्रावधान रखा गया है। अब तक 106.65 करोड़ रुपये आवंटित किए जा चुके हैं।

सरकार का जोर पात्र लाभार्थियों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने पर है, ताकि आर्थिक तंगी के कारण बेटी की शादी परिवार के लिए बड़ा बोझ न बने।

पात्र परिवार को मिलते हैं 20 हजार रुपये

योजना के तहत पात्र परिवार को बेटी के विवाह के लिए 20 हजार रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।

योजना का लाभ लेने के लिए परिवार की वार्षिक आय अधिकतम एक लाख रुपये निर्धारित है। विवाह के समय बेटी की उम्र कम से कम 18 वर्ष और वर की उम्र 21 वर्ष होना जरूरी है।

इन परिवारों को आवेदन में प्राथमिकता

सरकार ने योजना की आवेदन प्रक्रिया में दिव्यांग, विधवा, दैवीय आपदा से प्रभावित और भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता देने का प्रावधान किया है। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में कम आय वाले परिवारों के लिए यह सहायता विवाह के खर्च में महत्वपूर्ण सहयोग साबित हो सकती है।

‘आर्थिक स्थिति बेटियों की शादी में बाधा न बने’

पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशक उमेश प्रताप सिंह के अनुसार, सरकार आर्थिक रूप से कमजोर पिछड़ा वर्ग परिवारों को योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है। उनका कहना है कि शादी अनुदान योजना के जरिए पात्र परिवारों को समयबद्ध आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे परिवारों की आर्थिक स्थिति बेटियों के विवाह में रुकावट न बने।

योजना में सहायता राशि सीधे बैंक खातों में भेजे जाने से भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और बिचौलियों की भूमिका खत्म करने पर भी जोर दिया जा रहा है।