योगी सरकार का बड़ा फैसला: यूपी के शहरों में भूमि उपयोग बदलना होगा आसान, फीस घटेगी, निवेश और निर्माण को मिलेगी रफ्तार

 
UP News: उत्तर प्रदेश में शहरी विकास को नई गति देने की तैयारी है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने शहरों में निर्माण कार्य के लिए भूमि उपयोग परिवर्तन (लैंड यूज़ चेंज) से जुड़ी जटिलताओं को दूर करने का निर्णय लिया है। सरकार अब न केवल नियमों को सरल बनाएगी, बल्कि भूमि उपयोग परिवर्तन पर लगने वाली फीस में भी तार्किक संशोधन करेगी, ताकि निवेशकों और आम लोगों को राहत मिल सके।

सरकारी स्तर पर हुई समीक्षा बैठकों में यह सामने आया कि मौजूदा व्यवस्था में भूमि उपयोग परिवर्तन के मामलों में अनावश्यक देरी हो रही है। प्रस्ताव विकास प्राधिकरणों के माध्यम से भेजे जा रहे हैं, लेकिन उन पर समय पर निर्णय नहीं हो पा रहा। इसी वजह से कई परियोजनाएं अटकी हुई हैं। अब इन लंबित मामलों की समीक्षा कर प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने पर जोर दिया जाएगा।

अन्य राज्यों के मॉडल का अध्ययन
सरकार ने तय किया है कि देश के अन्य राज्यों में लागू भूमि उपयोग नीतियों का अध्ययन किया जाएगा। जिस राज्य का मॉडल सबसे प्रभावी और व्यावहारिक पाया जाएगा, उसे उत्तर प्रदेश में लागू करने पर विचार होगा। साथ ही, भूमि उपयोग परिवर्तन शुल्क की दरों की भी तुलनात्मक समीक्षा कर उन्हें युक्तिसंगत बनाया जाएगा।

वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाना है। इसके लिए उद्योग, रियल एस्टेट सेक्टर और नामचीन शिक्षण संस्थानों को शहरों में भूमि उपलब्ध कराई जा रही है। शहरी क्षेत्रों में जमीन की कमी को देखते हुए अब भूमि उपयोग बदलकर निर्माण की अनुमति देने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

कानूनी और प्रशासनिक सुधार पर फोकस
भूमि उपयोग परिवर्तन के मामलों को विकास प्राधिकरण बोर्ड के माध्यम से भेजने की अनिवार्यता पर भी कानूनी परीक्षण कराया जाएगा। यह देखा जाएगा कि यह प्रक्रिया कितनी जरूरी है या इसे और सरल किया जा सकता है। सरकार का साफ कहना है कि विकास में बाधा बनने वाले नियमों को खत्म किया जाएगा।