योगी सरकार का प्रयागराज को बड़ा तोहफा, 845 घरों के साथ वर्किंग वुमन हॉस्टल को मंजूरी
Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रयागराज के विकास और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को लेकर तीन अहम परियोजनाओं को मंजूरी दी है। मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए 845 आवासों के निर्माण को वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा शहर में ऑडिटोरियम बनाने और कामकाजी महिलाओं के लिए वर्किंग वुमन हॉस्टल के निर्माण के प्रस्तावों को भी हरी झंडी दी गई।
इन फैसलों से प्रयागराज में आवासीय सुविधाओं के विस्तार के साथ सार्वजनिक आयोजनों और कामकाजी महिलाओं के लिए रहने की व्यवस्था विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ेगा।
हाईकोर्ट अधिकारियों को मिलेंगे 845 आवास
कैबिनेट बैठक में प्रयागराज स्थित हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए 845 आवासों के निर्माण को वित्तीय मंजूरी दी गई है। इस स्वीकृति के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, निर्माण की कुल लागत, आवासों की श्रेणी और परियोजना पूरी होने की समयसीमा को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
प्रयागराज में ऑडिटोरियम निर्माण को हरी झंडी
योगी कैबिनेट ने प्रयागराज में ऑडिटोरियम बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना के तहत शहर में कार्यक्रमों और अन्य आयोजनों के लिए एक नया स्थल विकसित करने की योजना आगे बढ़ेगी। हालांकि, ऑडिटोरियम का स्थान, उसकी क्षमता, निर्माण लागत और प्रस्तावित सुविधाओं का विवरण अभी उपलब्ध नहीं है।
कामकाजी महिलाओं के लिए बनेगा वर्किंग वुमन हॉस्टल
कैबिनेट की बैठक में कामकाजी महिलाओं के लिए वर्किंग वुमन हॉस्टल बनाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। इसका उद्देश्य महिलाओं के लिए रहने की सुविधा विकसित करना है, ताकि रोजगार के सिलसिले में प्रयागराज में रहने वाली महिलाओं को आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराई जा सके।
फिलहाल हॉस्टल के निर्माण स्थल, क्षमता, किराये और निर्माण पूरा होने की तारीख के बारे में जानकारी सामने नहीं आई है।
तीन फैसलों से प्रयागराज के विकास को मिलेगी गति
हाईकोर्ट अधिकारियों के लिए आवास, ऑडिटोरियम और वर्किंग वुमन हॉस्टल से जुड़ी तीनों परियोजनाएं प्रयागराज की बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से संबंधित हैं। कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब इन योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ी अगली प्रक्रियाओं पर नजर रहेगी। परियोजनाओं की लागत, निर्माण की समयसीमा और सुविधाओं का विस्तृत ब्योरा सामने आने के बाद इनके क्रियान्वयन की तस्वीर और स्पष्ट होगी।