ग्रीन विज़न के साथ ₹1.03 लाख करोड़ का महाबजट: इंफ्रास्ट्रक्चर, EV और विकास की नई रफ्तार पर दौड़ेगी दिल्ली
‘ग्रीन बजट’ की नई सोच
इस बार बजट की सबसे खास बात रही कि इसे ‘ग्रीन बजट’ के तौर पर पेश किया गया है। कुल बजट का करीब 21% हिस्सा पर्यावरण संरक्षण के लिए रखा गया है। प्रदूषण नियंत्रण, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, सोलर एनर्जी और वेस्ट मैनेजमेंट पर बड़ा निवेश प्रस्तावित है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर पर सबसे बड़ा जोर
दिल्ली को जाम और प्रदूषण से राहत देने के लिए सरकार ने सड़कों, फ्लाईओवर और अंडरपास के निर्माण पर भारी खर्च का ऐलान किया है।
• PWD के लिए ₹5,921 करोड़
• शहरी विकास के लिए ₹7,887 करोड़
• 750 किमी सड़कों का री-डेवलपमेंट
• नए फ्लाईओवर और अंडरपास प्रोजेक्ट्स
इसके साथ ही यमुनापार और अनधिकृत कॉलोनियों के विकास पर भी खास फोकस रखा गया है।
बिजली और पानी में बड़े सुधार
सरकार का दावा है कि दिल्ली को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
• सोलर एनर्जी को बढ़ावा
• नए सब-स्टेशन और ट्रांसफॉर्मर
• जल आपूर्ति और सीवर सिस्टम को मजबूत करने के लिए ₹9,000 करोड़
स्वास्थ्य और शिक्षा में बड़ा निवेश
स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए ₹12,645 करोड़ और शिक्षा के लिए ₹19,148 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
• नए अस्पताल और ICU सुविधाएं
• 750 नए ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’
• सरकारी स्कूलों में मेडिकल रूम
• छात्राओं को मुफ्त साइकिल और मेधावी छात्रों को लैपटॉप
महिलाओं और युवाओं के लिए खास योजनाएं
बजट में महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाने पर खास ध्यान दिया गया है।
• महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा जारी
• ‘लखपति बिटिया योजना’
• महिला हाट और स्वरोजगार योजनाएं
• स्टार्टअप और स्किल डेवलपमेंट पर जोर
ट्रांसपोर्ट में इलेक्ट्रिक क्रांति
दिल्ली को ‘ग्रीन ट्रांसपोर्ट हब’ बनाने के लिए:
• 6,000+ नई इलेक्ट्रिक बसें
• 2029 तक 12,000 EV बसों का लक्ष्य
• मेट्रो और RRTS कॉरिडोर का विस्तार
क्या है सरकार का बड़ा संदेश?
सरकार ने इस बजट के जरिए साफ किया है कि अब दिल्ली की सियासत फ्रीबीज से आगे बढ़कर इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और पर्यावरण आधारित विकास की तरफ जा रही है।
यह बजट सिर्फ खर्च का खाका नहीं, बल्कि ‘विकसित, हरित और आधुनिक दिल्ली’ का रोडमैप है। आने वाले वर्षों में इसका असर राजधानी की सड़कों, हवा, शिक्षा और रोजगार हर क्षेत्र में साफ दिखाई देने की उम्मीद है।