गुजरात की 6 पार्टियों के खाते में ₹1700 करोड़! अजय राय बोले- ‘मुखौटा पार्टियों’ का सच सामने लाए ED

UP Politics: गुजरात की छह राजनीतिक पार्टियों को कथित तौर पर करीब ₹1700 करोड़ के चंदे मिलने के मुद्दे पर कांग्रेस नेता अजय राय ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ED) से इन पार्टियों की पूरी जानकारी और वित्तीय लेनदेन की जांच कराने की मांग की है. अजय राय ने आरोप लगाते हुए इन दलों को ‘मुखौटा पार्टियां’ बताया और कहा कि उनके चंदे के स्रोत और पैसों के इस्तेमाल की जांच होनी चाहिए.

 

UP Politics: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने गुजरात से जुड़ी छह पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों (RUPP) को मिले कथित संदिग्ध चंदे की जांच की मांग की है। अजय राय ने रविवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के निदेशक को पत्र लिखकर इन राजनीतिक दलों को मिले धन के वास्तविक स्रोत, मूल दाताओं और कथित अंतिम लाभार्थियों की जांच कराने की अपील की।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने साथ ही उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों के दौरान ऐसी कथित ‘मुखौटा पार्टियों’ के संभावित इस्तेमाल को रोकने के लिए वैधानिक प्रावधानों के तहत जांच और आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

छह RUPP को करीब ₹1700 करोड़ मिलने का दावा

अजय राय ने अपने पत्र में एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया है कि गुजरात से जुड़ी छह RUPP को वर्ष 2023-24 में करीब 1,700 करोड़ रुपये का चंदा मिला। उन्होंने इस राशि और इन दलों की चुनावी गतिविधियों के बीच कथित असमानता पर सवाल उठाए हैं।

पत्र के मुताबिक, इन छह दलों ने लोकसभा चुनाव के दौरान कुल 15 उम्मीदवार मैदान में उतारे थे। अजय राय ने यह भी दावा किया कि इनमें से चार राजनीतिक दलों के कार्यालय अहमदाबाद के एक ही क्षेत्र में स्थित हैं, जबकि बाकी दो दल भी गुजरात में ही स्थित हैं।

उन्होंने जिन दलों और कथित चंदे का उल्लेख किया है, उनमें:

  • आम जनमत पार्टी – करीब ₹620 करोड़
  • सत्यवादी रक्षक पार्टी – करीब ₹330 करोड़
  • स्वतंत्रता अभिव्यक्ति पार्टी – करीब ₹219 करोड़
  • न्यू इंडिया यूनाइटेड पार्टी – करीब ₹200 करोड़
  • भारतीय नेशनल जनता दल – करीब ₹191 करोड़
  • गरीब कल्याण पार्टी – करीब ₹138 करोड़

शामिल हैं।

बोगस चंदे और हवाला को लेकर उठाए सवाल

अजय राय ने पत्र में दावा किया कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) की पूर्व कार्रवाइयों में कुछ RUPP के माध्यम से कथित बोगस चंदे, हवाला, संदिग्ध धन के आवागमन और अन्य वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े तथ्य सामने आ चुके हैं।

इसी आधार पर उन्होंने इन छह राजनीतिक दलों को मिले धन के वास्तविक स्रोत और अंतिम लाभार्थियों की विस्तृत जांच की जरूरत बताई है। उन्होंने ED से यह पता लगाने की मांग की है कि धन कहां से आया, मूल दाता कौन हैं और इन संगठनों के वास्तविक नियंत्रक या लाभार्थी कौन हैं।

PMLA के तहत जांच की मांग

अजय राय ने अपने पत्र में Prevention of Money Laundering Act (PMLA), 2002 की विभिन्न धाराओं का उल्लेख करते हुए जांच की मांग की है। उन्होंने विशेष रूप से धन के स्रोत, लेन-देन की प्रकृति और कथित लाभार्थियों की पहचान से जुड़े सवाल उठाए हैं।

कांग्रेस नेता का कहना है कि पूरे वित्तीय नेटवर्क की जांच के जरिए यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि राजनीतिक दलों के नाम पर प्राप्त धन का वास्तविक इस्तेमाल कहां और किस उद्देश्य से हुआ।

आयकर विभाग के साथ समन्वय कर मनी ट्रेल की जांच की मांग

अजय राय ने ED से आयकर विभाग के साथ सूचनाओं का समन्वय करने का भी आग्रह किया है। उन्होंने बैंक खातों, टैक्स रिटर्न, ऑडिट रिपोर्ट, राजनीतिक चंदे से जुड़ी रिपोर्ट और संदिग्ध लेन-देन की जांच कर पूरे धन का मनी ट्रेल स्थापित करने का सुझाव दिया।

उन्होंने कहा कि सिर्फ चंदे की रकम की जांच पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि इसके पीछे मौजूद वित्तीय नेटवर्क और संबंधित लोगों की भूमिका भी सामने लाना जरूरी है।

यूपी चुनाव को लेकर भी उठाया मुद्दा

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों के मद्देनजर एक और महत्वपूर्ण सवाल उठाया है। उन्होंने जांच एजेंसियों से यह पता लगाने की अपील की है कि क्या इसी तरह के संगठन या वित्तीय नेटवर्क राज्य में चुनावी फंडिंग के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं।

अजय राय ने मांग की है कि यदि किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाए, ताकि चुनावी प्रक्रिया में संदिग्ध वित्तीय नेटवर्क के संभावित इस्तेमाल को रोका जा सके।

हालांकि, छह राजनीतिक दलों को मिले चंदे और उनसे जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है। अजय राय ने ये आरोप और जांच की मांग अपने पत्र के माध्यम से उठाई है।