बिहार राज्यसभा चुनाव में ‘3 बनाम 6’ का खेल! पाँचवीं सीट पर फंसा पेंच, छोटे दलों के विधायक बने किंगमेकर
‘3 और 6 वोट’ का सियासी गणित
मौजूदा आंकड़ों के अनुसार एनडीए को इस सीट पर जीत दर्ज करने के लिए सिर्फ 3 अतिरिक्त वोटों की जरूरत है, जबकि महागठबंधन को जीत के लिए करीब 6 वोटों का इंतजाम करना होगा। यही वजह है कि कुछ छोटे दलों के विधायक इस चुनाव में बेहद अहम हो गए हैं।
सियासी गलियारों में चर्चा है कि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen के 5 विधायक और बहुजन समाज पार्टी का एकमात्र विधायक इस चुनाव में किंगमेकर की भूमिका निभा सकते हैं।
दोनों खेमों में बैठकों का दौर
वोटिंग से ठीक पहले अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने और रणनीति मजबूत करने के लिए दोनों गठबंधन लगातार बैठकें कर रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने विपक्षी दलों के विधायकों की बैठक बुलाकर चुनावी रणनीति पर मंथन किया है।
वहीं दूसरी ओर एनडीए की बैठक जदयू के वरिष्ठ नेता और मंत्री विजय कुमार चौधरी के आवास पर आयोजित हो रही है, जहां गठबंधन के नेता अंतिम रणनीति तय कर रहे हैं।
सम्राट चौधरी–संजय झा की मुलाकात पर नजर
इसी बीच उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की संजय झा से होने वाली मुलाकात ने सियासी हलकों में चर्चा तेज कर दी है। माना जा रहा है कि इस बैठक में राज्यसभा चुनाव को लेकर एनडीए की रणनीति और एकजुटता पर अहम चर्चा हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार इस बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक विजय शर्मा और हर्ष मल्होत्रा भी मौजूद रह सकते हैं।
अब सबकी निगाहें सोमवार को होने वाली वोटिंग और अंतिम सियासी समीकरणों पर टिकी हैं। क्योंकि बिहार की राजनीति में 3 और 6 वोटों का यह गणित ही तय करेगा कि राज्यसभा की पाँचवीं सीट किसके खाते में जाएगी।