बिहार चुनाव से पहले चिराग पासवान की पार्टी में बगावत, सारण में जिलाध्यक्ष समेत 129 नेताओं का सामूहिक इस्तीफ़ा

 

Saran: इस वक़्त कि बड़ी खबर चौका देने वाली है, जहां बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को बड़ा झटका लगा है। सारण जिले के जिलाध्यक्ष दीपक सिंह सहित 129 पदाधिकारियों ने रविवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया। इस्तीफ़ा देने वाले नेताओं ने जमुई के सांसद अरुण भारती पर पैसों की मांग और पार्टी में तानाशाही का आरोप लगाया।

दीपक सिंह ने आरोप लगाया कि वे 21 साल से पार्टी के साथ जुड़े हैं और पूरी निष्ठा से संगठन की सेवा करते रहे हैं, लेकिन अब पार्टी पर तानाशाही थोपने की कोशिश हो रही है। उनके मुताबिक, सांसद अरुण भारती पार्टी को “कॉरपोरेट ऑफिस” की तरह चला रहे हैं और हाल ही में एक कार्यक्रम के नाम पर उनसे 7 लाख रुपये की मांग की गई थी। इसी के विरोध में उन्होंने और 128 अन्य पदाधिकारियों ने सामूहिक इस्तीफ़ा दे दिया।

आपको बता दें कि, आरोपों पर सफाई देते हुए सांसद अरुण भारती ने कहा कि यह दावा पूरी तरह झूठा है। उन्होंने चुनौती दी कि अगर पैसों की मांग का सबूत है तो पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जाए। उनके अनुसार, सच पुलिस जांच और अदालत में सामने आ जाएगा, मीडिया में बयान देने से कुछ साबित नहीं होगा।

इस सामूहिक इस्तीफ़े के बाद सारण जिले में लोजपा (रामविलास) की इकाई में खलबली मच गई है, जबकि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने इस विवाद पर अभी कोई टिप्पणी नहीं की है।