बिहार राज्यसभा चुनाव में AIMIM की ‘किंगमेकर’ भूमिका? अख्तरुल इमान बोले-अभी समर्थन पर फैसला नहीं

 
Political news: राज्यसभा चुनाव को लेकर बिहार की राजनीति में हलचल तेज है। इसी बीच All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen (AIMIM) ने साफ कर दिया है कि महागठबंधन को समर्थन देने पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अख्तरुल ईमान ने कहा कि बातचीत जारी है और फैसला चर्चा के बाद ही होगा।

“हमारा भी एक सदस्य राज्यसभा जाए”

अख्तरुल इमान ने बताया कि उन्होंने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से स्पष्ट कहा है कि AIMIM चाहती है कि उसका एक प्रतिनिधि राज्यसभा पहुंचे। उनका तर्क है कि पार्टी का अभी उच्च सदन में कोई सदस्य नहीं है, इसलिए समर्थन के बदले प्रतिनिधित्व की मांग स्वाभाविक है। उन्होंने कहा, “हमने अपनी बात रख दी है, अब फैसला तेजस्वी यादव को लेना है।”

NDA को समर्थन से इनकार

एनडीए को समर्थन देने की अटकलों पर उन्होंने दो टूक जवाब दिया AIMIM किसी भी स्थिति में NDA का साथ नहीं देगी। उन्होंने दावा किया कि एनडीए खेमे में भी अंदरूनी खींचतान चल रही है और तस्वीर 5 तारीख तक साफ होगी।

क्यों अहम है AIMIM का रुख?

राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए 41 विधायकों का समर्थन जरूरी है। राजद के पास 25 विधायक हैं। कांग्रेस, वाम दलों और अन्य सहयोगियों को जोड़ने पर संख्या 35 तक पहुंचती है। ऐसे में AIMIM के 5 और बसपा के 1 विधायक का समर्थन निर्णायक साबित हो सकता है।
यही वजह है कि AIMIM का रुख इस चुनाव में ‘किंगमेकर’ की भूमिका निभा सकता है।

तेजस्वी के राज्यसभा जाने की चर्चा

इधर, तेजस्वी यादव के राज्यसभा चुनाव लड़ने की अटकलें भी तेज हैं, हालांकि इस पर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। राजनीतिक गलियारों में कयासों का दौर जारी है।