शराबबंदी पर उठे सवालों के बीच CM सम्राट चौधरी ने किया स्टैंड क्लियर, उद्योग और रोजगार पर सरकार का फोकस

Liquor Ban In Bihar: उन्होंने साफ़ किया कि सरकार का लक्ष्य 20 नवंबर 2026 तक बिहार में ₹5 लाख करोड़ का निवेश लाना है. उन्होंने राज्य में किसी भी तरह के वित्तीय संकट की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि जल्द ही निवेश की पूरी योजना सार्वजनिक की जाएगी. साथ ही शराबबंदी हटेगी या रहेगी इस पर अपना स्टैंड क्लियर कर दिया है.
 

Liquor Ban In Bihar: बिहार में शराबबंदी को लेकर सियासत तेज़ होने के बीच सम्राट चौधरी ने सरकार का रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है. डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने साफ कहा कि बिहार में शराबबंदी नीति जारी रहेगी और इसमें किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने इसे सामाजिक सुधार से जुड़ा अहम फैसला बताया.

सम्राट चौधरी ने कहा कि शराबबंदी का उद्देश्य सिर्फ कानून नहीं, बल्कि महिलाओं, परिवारों और समाज को सुरक्षित करना है. उन्होंने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार नीति के क्रियान्वयन को और प्रभावी बनाएगी, ताकि अवैध शराब पर सख्ती हो और कानून व्यवस्था मजबूत रहे.

5 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य

डिप्टी सीएम ने यह भी ऐलान किया कि बिहार सरकार ने आने वाले वर्षों में 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है. इसके लिए उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, पर्यटन और आईटी सेक्टर पर विशेष फोकस किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि बिहार अब निवेशकों के लिए बेहतर माहौल वाला राज्य बन रहा है. नई औद्योगिक नीति, सिंगल विंडो सिस्टम और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण देश-विदेश की कंपनियां बिहार में रुचि दिखा रही हैं

मुख्य बातें एक नजर में

  • शराबबंदी पर सरकार का रुख पूरी तरह स्पष्ट
  • नीति में बदलाव नहीं, सख्त अमल पर ज़ोर
  • बिहार में 5 लाख करोड़ रुपये निवेश का लक्ष्य
  • उद्योग और रोजगार सृजन पर सरकार का फोकस

सम्राट चौधरी के इस बयान के बाद साफ हो गया है कि बिहार सरकार एक ओर सामाजिक सुधार की नीति पर कायम है, तो दूसरी ओर बड़े निवेश के जरिए राज्य की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने की तैयारी में है.