‘रिशु श्री को सबसे पहले आनंद किशोर ने दिलाया टेंडर’, सुधाकर सिंह का बड़ा आरोप; कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
Bihar political news: बिहार में चर्चित रिशु श्री टेंडर मामले को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद सुधाकर सिंह ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिहार सरकार और वरिष्ठ नौकरशाहों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का दावा करते हुए पूरे मामले की जांच अदालत की निगरानी में कराने की मांग की।
प्रेस वार्ता के दौरान सुधाकर सिंह ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आनंद किशोर पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग में कथित गड़बड़ियों की नींव उनके कार्यकाल में पड़ी और रिशु श्री को पहला टेंडर भी उनके कार्यकाल में ही मिला। सांसद ने दावा किया कि यह मामला किसी एक टेंडर तक सीमित नहीं है, बल्कि लंबे समय से चल रही कथित अनियमितताओं की एक बड़ी श्रृंखला का हिस्सा है।
राजद सांसद ने कहा कि पिछले एक दशक में राज्य में आयोजित कई प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने पुराने टॉपर घोटाले का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली और टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी बार-बार सामने आती रही है।
सुधाकर सिंह ने राज्य के पूर्व मुख्य सचिव दीपक कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि कुछ अधिकारियों को संरक्षण मिलने के कारण कथित अनियमितताओं का सिलसिला जारी रहा। उन्होंने यह भी दावा किया कि संबंधित अधिकारियों ने कथित तौर पर भारी आर्थिक अनियमितताएं की हैं और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
राजद सांसद ने कहा कि यदि सरकार को उनके आरोपों पर आपत्ति है तो वह न्यायालय का रुख कर सकती है। उन्होंने दावा किया कि उनके पास अपने आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। साथ ही उन्होंने चारा घोटाले की तर्ज पर पूरे मामले की जांच न्यायालय की निगरानी में कराने की मांग की, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
हालांकि, सुधाकर सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों पर अब तक सरकार या संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब सबकी नजर सरकार के अगले कदम और संभावित जांच प्रक्रिया पर टिकी हुई है।