अनंत सिंह का नीतीश कुमार पर बड़ा दावा: ‘जब कुछ नहीं थे, तब साथ दिया; मेरे 9 लोग मारे गए, उन्होंने कौन सी कुर्बानी दी’
बिहार में एमएलसी चुनाव को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। मोकामा से बाहुबली विधायक अनंत सिंह के बयानों ने बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल चुके अनंत सिंह ने अब बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि जब नीतीश कुमार के पास कुछ नहीं था, तब वह उनके साथ खड़े थे और पार्टी के लिए उनके नौ लोग मारे गए थे। अनंत सिंह ने सवाल उठाया कि उन्होंने पार्टी के लिए इतनी बड़ी कुर्बानी दी, लेकिन नीतीश कुमार ने क्या किया?
अनंत सिंह ने खुद को नीतीश कुमार के प्रति वफादार बताते हुए कहा कि वह किसी को चुनौती नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा, 'पार्टी के साथ कौन है और कौन नहीं, यह हम नहीं जानते। हम कोई भगवान नहीं हैं। हम अपनी बात जानते हैं। मुझे न मरने का गम है और न जीने की खुशी। हम पार्टी को अपना मानते हैं। पार्टी को जो मानना है, माने।'
उन्होंने आगे कहा कि जब नीतीश कुमार कुछ नहीं थे, तब भी वह उनके साथ रहे। इसी दौरान सुबह-सुबह हुए हमले में उनके एक आदमी की मौत हो गई थी। अनंत सिंह ने सवाल किया कि उन्होंने पार्टी के लिए कुर्बानी दी, तो नीतीश कुमार ने कौन-सी कुर्बानी दी?
दरअसल, अगस्त 2004 में अनंत सिंह के लोगों और एसटीएफ के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस घटना में अनंत सिंह के आठ लोगों और एसटीएफ के एक जवान की मौत हुई थी। मारे गए लोगों में भीम सिंह, देनी, चिंटू कुमार, गणेश कुमार, बाल्मीकि सिंह, सुनील कुमार, रजनीश और सुरेंद्र कहार शामिल थे। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, इन लोगों पर अपहरण, हत्या और डकैती समेत कई मामले दर्ज थे।
वहीं, पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव को लेकर अनंत सिंह और जेडीयू के बीच तल्खी बढ़ती जा रही है। जेडीयू ने इस सीट से नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया है, जबकि अनंत सिंह उन्हें हराने के लिए प्रचार कर रहे हैं।
शुक्रवार को नीरज कुमार पर नाराजगी जाहिर करते हुए अनंत सिंह ने यहां तक कह दिया कि क्या उन पर गोली चला दें? नीरज कुमार के समर्थन में स्वास्थ्य मंत्री और नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के वोट मांगने को लेकर भी उन्होंने नाराजगी जताई।
ऐसे में एमएलसी चुनाव से पहले अनंत सिंह के लगातार हमलों ने बिहार की सियासत में नया विवाद खड़ा कर दिया है। अब देखना होगा कि इस बयानबाजी का चुनावी समीकरणों पर क्या असर पड़ता है।