बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की जयंती पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने किया नमन, युवाओं से उनके विचारों से प्रेरणा लेने की अपील
Patna: महान साहित्यकार, राष्ट्रभक्ति के अमर गायक और 'वंदे मातरम्' के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की जयंती पर बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया. उन्होंने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय भारतीय साहित्य और राष्ट्र चेतना के ऐसे महान व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपनी लेखनी के माध्यम से समाज में आत्मगौरव, राष्ट्रीय भावना और स्वतंत्रता की चेतना का संचार किया.
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का साहित्य भारतीय संस्कृति, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक जागरण की अमूल्य धरोहर है. उनकी रचनाओं ने देशवासियों में राष्ट्रीय चेतना जगाने और समाज को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
उन्होंने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित 'वंदे मातरम्' केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत माता के प्रति श्रद्धा, समर्पण और देशभक्ति का अमर प्रतीक है. स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इस गीत ने करोड़ों भारतीयों में नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और आजादी के प्रति समर्पण की भावना पैदा की.
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने अपने उपन्यासों और साहित्यिक कृतियों के माध्यम से भारतीय समाज की समस्याओं, संस्कृति और मूल्यों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया. उनका प्रसिद्ध उपन्यास 'आनंदमठ' भारतीय इतिहास और राष्ट्रवादी विचारधारा के अध्ययन में आज भी विशेष महत्व रखता है.
उन्होंने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय केवल महान साहित्यकार ही नहीं, बल्कि एक कुशल प्रशासक और दूरदर्शी विचारक भी थे. उनके विचार और कृतित्व आज भी समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत हैं.
डॉ. प्रेम कुमार ने युवाओं से आह्वान किया कि वे बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के जीवन, राष्ट्रभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और मातृभूमि के प्रति समर्पण से प्रेरणा लें तथा देशहित में कार्य करने का संकल्प लें.
उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को समृद्ध करने वाले ऐसे महान विभूतियों का स्मरण करना हम सभी का दायित्व है. बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का योगदान भारतीय इतिहास और साहित्य में सदैव अमर रहेगा.