SIR के विरोध के नाम पर घुसपैठियों और फर्जी मतदाताओं को बचाने का प्रयास : संजय सरावगी

बूथ कब्जाकर चुनाव जीतने वालों की दुकान SIR ने की बंद : संजय सरावगी
 

 

 

 

पटना: बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में महागठबंधन के राजभवन मार्च को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के इस प्रदर्शन से इससे ज्यादा उम्मीद भी नहीं की जा सकती। यह आंदोलन आम मतदाताओं के हित में नहीं, बल्कि घुसपैठियों, दोहरी प्रविष्टियों, मृतकों और स्थायी रूप से स्थानांतरित लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने के विरोध में किया जा रहा है।

संजय सरावगी ने कहा कि जिन लोगों के नाम SIR के दौरान हटाए गए हैं, उनमें घुसपैठियों, डबल एंट्री, मृतक और परमानेंट शिफ्टेड मतदाताओं के नाम शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल लंबे समय तक बूथ कब्जाकर चुनाव जीतने की राजनीति करते रहे हैं और अब SIR के कारण उनकी राजनीतिक परेशानी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि आम जनता ने जिन लोगों को चुनाव में नकारा है, वे अब राजनीतिक बदहवासी में इस तरह के प्रदर्शन कर रहे हैं।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि महागठबंधन के नेता राजभवन मार्च कर रहे हैं, जबकि भाजपा के प्रतिनिधिमंडल को राज्यपाल ने समय दिया था और भाजपा नेता निर्धारित कार्यक्रम के तहत महामहिम से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि राजभवन की सुरक्षा व्यवस्था के तहत गेट पर बैरिकेडिंग और लोगों को रोकना स्वाभाविक प्रक्रिया है। इसे लेकर विपक्ष की ओर से सवाल उठाना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि विपक्ष जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहा है, उससे उसकी राजनीतिक बेचैनी साफ दिखाई देती है। संजय सरावगी ने दावा किया कि आने वाले चुनाव में बिहार की जनता विपक्ष को पूरी तरह नकार देगी और बचे-खुचे राजनीतिक आधार का भी सफाया हो जाएगा।

त्रिपुरा में हाल में हुए स्थानीय निकाय चुनाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वहां बैलेट पेपर से चुनाव हुआ और कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने वहां जीत दर्ज की है। इससे स्पष्ट है कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को जनता किस नजर से देखती है।