बांकीपुर उपचुनाव: प्रचार थमा, अब वोटिंग की बारी; 422 बूथों पर वेबकास्टिंग, 5 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात
Bihar political news: राजधानी पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को होने वाले उपचुनाव के लिए चुनाव प्रचार का शोर मंगलवार शाम थम गया। प्रचार खत्म होते ही निर्वाचन क्षेत्र में 48 घंटे का साइलेंट पीरियड लागू हो गया है। अब मतदान समाप्त होने तक किसी भी तरह की चुनावी सभा, रैली, जुलूस, लाउडस्पीकर या प्रचार की अनुमति नहीं होगी। जिला प्रशासन और पुलिस ने शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष मतदान के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम कुंदन कुमार ने बताया कि बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के 422 मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग और लाइव स्ट्रीमिंग की व्यवस्था की गई है। इससे मतदान प्रक्रिया की लगातार निगरानी की जा सकेगी। प्रशासन ने बाहरी प्रचारकों और कार्यकर्ताओं को भी क्षेत्र छोड़ने का निर्देश दिया है।
सोशल मीडिया प्रचार पर भी प्रशासन की नजर
साइलेंट पीरियड के दौरान सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर चुनाव प्रचार को लेकर भी सख्ती बरती जाएगी। राजनीतिक विज्ञापन या प्रचार सामग्री को बिना मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (MCMC) की अनुमति के प्रसारित नहीं किया जा सकेगा।
मतदान के दिन उम्मीदवार, चुनाव एजेंट और कार्यकर्ताओं के लिए अधिकतम तीन वाहनों की अनुमति होगी। इसके लिए रिटर्निंग ऑफिसर से विशेष परमिशन लेना जरूरी होगा। प्रत्येक वाहन में चालक समेत अधिकतम पांच लोग ही सफर कर सकेंगे।
14 कंपनियां CAPF और 5 हजार से अधिक पुलिसकर्मी संभालेंगे मोर्चा
बांकीपुर उपचुनाव को लेकर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। चुनाव ड्यूटी में CAPF की 14 कंपनियों के साथ 5 हजार से अधिक पुलिसकर्मी और करीब 1400 अर्द्धसैनिक बल के जवान तैनात किए गए हैं। इसके अलावा 9 फ्लाइंग स्क्वॉड, 18 स्टैटिक सर्विलांस टीमें, 6 वीडियो सर्विलांस टीमें, 3 वीडियो व्यूइंग टीमें और 42 सेक्टर पदाधिकारी भी निगरानी में लगाए गए हैं।
गांधी मैदान, पीरबहोर, कदमकुआं, कोतवाली, सचिवालय, बुद्धा कॉलोनी और श्रीकृष्णापुरी थाना क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
अब तक 38 लाख रुपये नकद और 4 हजार लीटर शराब जब्त
चुनावी निगरानी के दौरान प्रशासन की कार्रवाई में अब तक 4 अवैध हथियार, 21 कारतूस, करीब 38 लाख रुपये नकद और लगभग 4 हजार लीटर शराब बरामद की जा चुकी है। आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के पांच मामले भी दर्ज किए गए हैं।
बांकीपुर उपचुनाव में कुल 25 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। क्षेत्र में 85 वर्ष से अधिक उम्र के 3,166 मतदाता और 1,024 दिव्यांग मतदाता पंजीकृत हैं। वरिष्ठ मतदाताओं और दिव्यांगों की सुविधा के लिए 29 चलंत मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
इसके अलावा 30 आदर्श मतदान केंद्र, एक महिला मतदान केंद्र, एक युवा मतदान केंद्र और एक दिव्यांग अनुकूल मतदान केंद्र भी तैयार किया गया है।
EVM की सुरक्षा के लिए AN कॉलेज में बनेगा वज्रगृह
मतदान समाप्त होने के बाद सभी EVM और VVPAT को ए.एन. कॉलेज स्थित वज्रगृह में सुरक्षित रखा जाएगा। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस ने विशेष रूट डायवर्जन और पार्किंग प्लान तैयार किया है। मतदान दलों को निर्देश दिया गया है कि EVM लेकर लौटते समय रास्ते में कहीं न रुकें और सीधे वज्रगृह पहुंचें।
वज्रगृह की सुरक्षा के लिए परिसर में 24 घंटे CCTV निगरानी की व्यवस्था रहेगी।
मतदान केंद्र के 200 मीटर के दायरे में भीड़ पर रोक
पुलिस महानिरीक्षक (केंद्रीय क्षेत्र) जितेंद्र राणा ने निर्देश दिया है कि मतदान केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में अनावश्यक भीड़ या लोगों के ठहरने की अनुमति नहीं होगी। जिले में प्रवेश करने वाले प्रमुख मार्गों और चौक-चौराहों पर वाहनों की सघन जांच की जाएगी। मतदाताओं में सुरक्षा का भरोसा कायम रखने के लिए अर्द्धसैनिक बल लगातार फ्लैग मार्च भी कर रहे हैं।
मतदाताओं की मदद के लिए हेल्पलाइन 1950
मतदान से जुड़ी किसी भी जानकारी या सहायता के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाया गया है। मतदाता निर्वाचन आयोग की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1950 पर संपर्क कर सकते हैं। जिन मतदाताओं के पास वोटर आईडी कार्ड नहीं है, वे निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य 12 वैकल्पिक पहचान पत्रों में से किसी एक का इस्तेमाल कर मतदान कर सकेंगे।
अब प्रचार का दौर खत्म हो चुका है और बांकीपुर की सियासी जंग सीधे मतदान केंद्रों तक पहुंच गई है। 30 जुलाई को मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे और इसके बाद आने वाला चुनाव परिणाम तय करेगा कि बांकीपुर की जनता ने किसके पक्ष में अपना फैसला सुनाया है।