बिहार सरकार का बड़ा ऐलान! 5 जुलाई को राजकीय समारोह में याद किए जाएंगे रामविलास पासवान

Bihar Politics: बिहार सरकार ने पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की जयंती 5 जुलाई को राजकीय समारोह के रूप में मनाने का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यह घोषणा की. रामविलास पासवान की जयंती हर साल 5 जुलाई को मनाई जाती है. 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी थी.
 

Bihar Politics:  बिहार के महान सपूत और पूर्व केंद्रीय मंत्री पद्म भूषण स्वर्गीय रामविलास पासवान की जयंती अब राजकीय समारोह के रूप में मनाई जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रामविलास पासवान की पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए यह घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी वर्ष से हर साल 5 जुलाई को रामविलास पासवान की जयंती राजकीय समारोह के रूप में मनाई जाएगी।

सरकार के इस फैसले को रामविलास पासवान के लंबे सार्वजनिक जीवन और बिहार के सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में उनके योगदान के सम्मान के तौर पर देखा जा रहा है।

CM सम्राट चौधरी ने दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया के माध्यम से रामविलास पासवान को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि बिहार के महान सपूत, पूर्व केंद्रीय मंत्री और पद्म भूषण स्वर्गीय रामविलास पासवान ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र निर्माण और समाज की सेवा के लिए समर्पित किया।

मुख्यमंत्री ने उनके राजनीतिक और सामाजिक योगदान को याद करते हुए कहा कि पासवान ने लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन में रहते हुए वंचित और कमजोर वर्गों की आवाज को मजबूती से उठाया।

5 जुलाई को होगा राजकीय समारोह

मुख्यमंत्री के ऐलान के मुताबिक, अब हर साल 5 जुलाई को रामविलास पासवान की जयंती राजकीय समारोह के रूप में मनाई जाएगी। आगामी वर्ष से बिहार सरकार की ओर से इस अवसर पर आधिकारिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इस फैसले के बाद रामविलास पासवान की जयंती को सरकारी स्तर पर व्यापक रूप से मनाने का रास्ता साफ हो गया है।

राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा में रहा योगदान

रामविलास पासवान ने कई दशकों तक सक्रिय राजनीति में रहते हुए बिहार से लेकर राष्ट्रीय राजनीति तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने केंद्र सरकार में विभिन्न महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली।

मुख्यमंत्री ने उनके सार्वजनिक जीवन में योगदान को याद करते हुए कहा कि रामविलास पासवान ने समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के हितों को लगातार उठाया। राष्ट्रीय राजनीति में भी उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई।

'सच्ची श्रद्धांजलि और कृतज्ञता का प्रतीक'

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि रामविलास पासवान के योगदान, विचारों और सार्वजनिक जीवन में उनकी भूमिका को सम्मान देने के उद्देश्य से उनकी जयंती को राजकीय समारोह के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने इसे बिहार की धरती के इस महान सपूत के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि और कृतज्ञता का प्रतीक बताया।

पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, जयंती पर सरकारी आयोजन

रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री का यह ऐलान राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। अब 5 जुलाई को उनकी जयंती बिहार सरकार के आधिकारिक आयोजनों में शामिल होगी।

राजकीय समारोह के जरिए रामविलास पासवान के सार्वजनिक जीवन, सामाजिक सरोकारों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।