वैशाली में किसानों के लिए बड़ा कार्यक्रम! मंत्री संजय सिंह ने दिया प्राकृतिक खेती पर जोर
Vaishali: वैशाली जिले की ग्राम पंचायत राज समसपुर के कुशहर खास खेल मैदान में रविवार, 13 सितंबर 2026 को प्रखंड स्तरीय प्राकृतिक एवं जैविक खेती प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों, जनप्रतिनिधियों, कृषि विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय सिंह की विशेष उपस्थिति रही। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने और कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ाने पर जोर दिया।
किसानों को प्राकृतिक खेती की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती, सरकारी कृषि योजनाओं और आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कृषि विशेषज्ञों और संबंधित अधिकारियों ने किसानों को खेती से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी देने के साथ उनकी समस्याएं भी सुनीं।
किसानों को बताया गया कि आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं का सही तरीके से लाभ उठाकर कृषि उत्पादन और किसानों की आय को बेहतर किया जा सकता है।
किसानों के हित को सरकार की प्राथमिकता बताया
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री संजय सिंह ने किसानों के हित और कृषि क्षेत्र के विकास को सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया।
मंत्री ने कहा कि किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीक और सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रशासन और संबंधित विभाग लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने किसानों से उपलब्ध योजनाओं और तकनीकी सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
अधिकारियों ने सुनी किसानों की समस्याएं
कार्यक्रम में एसडीएम, डीएसपी, बीडीओ, सीओ समेत प्रखंड और जिला स्तर के विभिन्न पदाधिकारी मौजूद रहे। कृषि विशेषज्ञों और अधिकारियों ने किसानों से संवाद कर उनकी खेती से जुड़ी समस्याओं को सुना और आवश्यक मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम में किसानों को खेती में नई तकनीकों को अपनाने, प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल और सरकारी कृषि योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
बड़ी संख्या में किसान रहे मौजूद
प्रशिक्षण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि, कृषि विशेषज्ञ और प्रखंड स्तर के संबंधित पदाधिकारी शामिल हुए। आयोजन का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें आधुनिक कृषि तकनीक और सरकारी योजनाओं से जोड़ना रहा।