बिहार विधानसभा में अब ऑनलाइन होंगी शून्यकाल समेत संसदीय सूचनाएं, नियमों में संशोधन को मंजूरी
Patna: बिहार विधानसभा की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में नियम समिति की बैठक हुई, जिसमें शून्यकाल, ध्यानाकर्षण सूचना, कार्य स्थगन प्रस्ताव, निवेदन, याचिका और गैर सरकारी संकल्प समेत विभिन्न संसदीय सूचनाओं को ऑनलाइन माध्यम से सदन में प्रस्तुत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
डिजिटल व्यवस्था के अनुरूप नियमों में होगा बदलाव
बैठक को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि बदलते समय और आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी की जरूरतों को देखते हुए विधानसभा की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली में आवश्यक संशोधन समय की मांग है।
उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा पहले ही ई-विधान (NeVA) व्यवस्था को अपनाकर डिजिटल विधानसभा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा चुकी है। अब संसदीय सूचनाओं को ऑनलाइन माध्यम से प्रस्तुत करने की स्पष्ट वैधानिक व्यवस्था नियमावली में शामिल करना आवश्यक है।
अध्यक्ष ने कहा कि प्रस्तावित संशोधनों का उद्देश्य केवल कागजी प्रक्रिया को डिजिटल बनाना नहीं है, बल्कि विधायकों को सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध कराना, सूचनाओं के निस्तारण में समय बचाना और विधानसभा के अभिलेखों को सुरक्षित एवं स्थायी रूप से संरक्षित करना भी है।
सदस्यों के संसदीय अधिकार सुरक्षित रहेंगे
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि नियमों में संशोधन के दौरान विधानसभा सदस्यों के संसदीय अधिकार और अध्यक्ष के विवेकाधिकार पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे। तकनीकी बदलाव के साथ भविष्य की जरूरतों को भी ध्यान में रखकर नियमों को उपयोगी और व्यवहारिक बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने नियम समिति के सदस्यों से प्रस्तावित संशोधनों का गंभीरता से परीक्षण करने और आवश्यक सुझाव देने का आग्रह किया।
इन प्रस्तावों पर बनी सहमति
बैठक में नियमावली में प्रस्तावित विभिन्न संशोधनों पर विस्तार से चर्चा हुई। विचार-विमर्श के बाद प्रमुख रूप से इन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई—
- कारा सुधार समिति से संबंधित नियम और प्रावधानों को प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली में शामिल किया जाएगा।
- शून्यकाल, ध्यानाकर्षण, कार्य स्थगन, निवेदन, याचिका और गैर सरकारी संकल्प सहित संसदीय सूचनाएं ऑनलाइन माध्यम से सदन में प्रस्तुत की जाएंगी।
- आवास समिति के कृत्यों और कार्यक्षेत्र के विस्तार से संबंधित प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
अध्यक्ष ने कहा कि ये संशोधन बिहार विधानसभा को अधिक डिजिटल, तकनीक-सक्षम, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।
नियम समिति की बैठक में ये नेता रहे मौजूद
बैठक में उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, मंत्री विजय कुमार सिन्हा और लेशी सिंह, सदस्य तारकिशोर प्रसाद तथा आलोक कुमार मेहता सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
सामान्य प्रयोजन समिति की बैठक में लंबित मामलों की समीक्षा का फैसला
नियम समिति की बैठक के बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार की अध्यक्षता में सामान्य प्रयोजन समिति की बैठक भी आयोजित हुई। इसमें करीब दो से तीन दशक पहले गठित एक विशेष समिति के प्रतिवेदन और उसकी अनुशंसाओं के अनुपालन से जुड़े मामलों पर चर्चा की गई।
समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि सबसे पहले लंबे समय से लंबित मामलों की समीक्षा की जाएगी। समीक्षा के बाद यदि यह पाया गया कि अब उन मामलों में आगे कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है, तो लंबित कार्रवाई को समाप्त मानते हुए उनका निस्तारण किया जा सकता है।
इस बैठक में उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, मंत्री विजय कुमार सिन्हा, केदार प्रसाद गुप्ता तथा विधानसभा सदस्य आलोक मेहता, अरुण मांझी और माधव आनंद उपस्थित रहे।